भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज रेपो दर को 5 दशमलव 5 प्रतिशत पर यथावत बनाए रखने का फैसला किया। जीडीपी दर के अनुमान को साढे छह प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।
यह निर्णय फरवरी से अब तक की गई सौ आधार अंकों की कटौती के बाद और आगामी त्योहारों से पहले लिया गया है। भारतीय आयात पर अमरीका के शुल्क बावजूद शीर्ष बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर के अनुमान को 6 दशमलव 5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।
मौजूदा वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति 3 दशमलव एक प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह जून के 3 दशमलव 7 प्रतिशत अनुमान से कम है। हालांकि, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक- सी.पी.आई. के आगामी वित्त वर्ष 2026-27 में 4 दशमलव 9 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। मौद्रिक नीति समिति की बैठक 4 से 6 अगस्त के बीच हुई।
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि स्थायी जमा सुविधा दर 5 दशमलव दो-पांच प्रतिशत और सीमांत स्थायी सुविधा दर तथा बैंक दर 5 दशमलव सात-पांच प्रतिशत रहेगी।
भारत ने प्रतिबंधित आतंकी गुट और उसके सदस्यों के समर्थन में पाकिस्तान की ओर से…
सरकार ने आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में पश्चिम एशिया की स्थिति पर…
आदिवासी कारीगरों को सशक्त बनाने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की कार्रवाई को सुदृढ़ करने…
भारतीय पारंपरिक लोक और आदिवासी संगीत को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने और उसे व्यापक…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) से संबंधित विचार-विमर्श…