प्रख्यात गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले का आज मुंबई में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में होगा। गायिका की पौत्री ज़नाई भोसले ने सोशल मीडिया पर बताया कि आशा भोसले को सीने में संक्रमण और कमजोरी के कारण कल शाम मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आशा भोसले का करियर आठ दशक से अधिक लंबा रहा और वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए ख्यात थीं। वे जानी-मानी गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं।
आशा भोसले ने अपने आठ दशकों से भी अधिक लंबे कार्यकाल में विभिन्न भाषाओं में 12,500 से ज्यादा गीत रिकॉर्ड किए। उन्होंने मराठी फिल्मों से अपने करिअर की शुरुआत की और 1948 में ‘चुनरिया’ फिल्म के साथ हिंदी फिल्म जगत में प्रवेश किया। लता मंगेशकर, शमशाद बेगम और गीता दत्त जैसे दिग्गजों के बीच उन्होंने अपनी कला के दम पर एक अलग पहचान बनाई, और अपने लंबे करियर के दौरान कई प्रमुख अभिनेत्रियों के लिए अपनी आवाज़ दी।
उन्हें दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, अठारह महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार, नौ फिल्मफेयर पुरस्कार जिनमें एक लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी शामिल है, तथा सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायन के लिए रिकॉर्ड सात फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त हुए। वर्ष 2000 में उन्हें सिनेमा के क्षेत्र में भारत का सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फालके पुरस्कार प्रदान किया गया।
वर्ष 2008 में भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरी सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया। गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 2011 में उन्हें संगीत इतिहास की सबसे अधिक रिकॉर्डिंग करने वाली कलाकार के रूप में मान्यता दी। उनके निधन से संगीत जगत में एक ऐसी कमी पैदा हो गई है, जिसे भर पाना असंभव है।





