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केरल में पंचायतों को 15वें वित्त आयोग के अनुदान के रूप में 5337.00 करोड़ रुपये जारी किए

केरल मीडिया के कुछ वर्गों में आई रिपोर्टों का संदर्भ लें। केरल में ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुदान जारी करने में केंद्र सरकार की कथित लापरवाही पर पंचायती राज मंत्रालय ने निम्नलिखित जानकारी दी हैं:

(i) भारत सरकार ने केरल में ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त आयोग (2015-16 से 2019-20 तक) के अनुदान के रूप में 3,774.20 करोड़ रुपये और इन पंचायतों को 15वें वित्त आयोग (2020-21 से 2026-27 तक) के अनुदान के रूप में 5,337.00 करोड़ रुपये (28.06.2024 तक) जारी किए हैं।

(ii) 15वें वित्त आयोग की अवधि के लिए, केरल को ग्रामीण स्थानीय निकायों को बिना शर्त (बेसिक) और सशर्त अनुदान के रूप में धनराशि जारी की गई। 15वें वित्त आयोग के तहत आवंटन और धनराशि जारी करने का विस्तृत वर्षवार सारांश नीचे दी गई तालिका 1 में दिया गया है :

क्रम सं.वर्षबिना शर्त (बेसिक) अनुदान राशिसशर्त अनुदान राशिकुल
आवंटनजारी करनाआवंटनजारी करनाआवंटनजारी करना
12020–21814.00814.00814.00814.001628.001628.00
22021–22481.20481.20721.80721.801203.001203.00
32022–23498.40498.40747.60747.601246.001246.00
42023–24504.00504.00756.00756.001260.001260.00

(iii) 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार, राज्यों के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि वे राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) का गठन करें, उनकी सिफारिशों पर कार्य करें और मार्च 2024 तक या उससे पहले राज्य विधानमंडल के समक्ष की गई कार्रवाई के संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। मार्च 2024 के बाद, उस राज्य को कोई अनुदान जारी नहीं किया जाएगा, जिसने राज्य वित्त आयोग और इन शर्तों के संबंध में संवैधानिक प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया है।

(iv) मंत्रालय ने 11 जून, 2024 और 24 जून, 2024 के अपने पत्र के माध्यम से राज्यों से राज्य वित्त आयोग का विवरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

(v) राज्य सरकार ने 7 जून 2024 के पत्र के माध्यम से वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बिना शर्त अनुदान की दूसरी किस्त का अनुदान हस्तांतरण प्रमाणपत्र (जीटीसी) प्रस्तुत किया है। इसकी जांच पंचायती राज मंत्रालय कर रहा है और वित्त मंत्रालय को अगली किस्त (वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पहली किस्त) जारी करने की सिफारिश की जा रही है। हालांकि, 28 जून 2024 तक मंत्रालय को केरल से राज्य वित्त आयोग पर विवरण प्रस्तुत करने से संबंध में जवाब प्राप्त होना बाकी है, जो मार्च 2024 के बाद अनुदान जारी करने के लिए एक अनिवार्य शर्त है।

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