रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वाभाविक हिस्सा नहीं है, बल्कि यह उपनिवेशवाद की निशानी है जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर की भावना का उल्लंघन करती है।
कल एक संवाददाता सम्मेलन में सर्गेई लावरोव ने कहा कि ग्रीनलैंड ऐतिहासिक रूप से नॉर्वे और डेनमार्क का उपनिवेश था। यह 20वीं शताब्दी में डेनमार्क का संबद्ध क्षेत्र बना। सर्गेई लावरोव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने 17 ऐसे क्षेत्रों को सूचीबद्ध किया है जो अभी भी किसी अन्य देश के नियंत्रण में हैं। इस संदर्भ में उन्होंने फ्रांस और ब्रिटेन से जुड़े उदाहरण भी दिए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होने के नाते रूस का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसके पास वीटो पावर है। अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड के अधिग्रहण के कदम का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर लगातार टैरिफ बढ़ाने की भी बात कही है, जिससे इस क्षेत्र पर विवाद और बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज असम के एक दिन के दौरे के दौरान पांच हजार चार…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ब्रह्मपुत्र नदी…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने कल असम…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने कल रेल मंत्रालय…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कल हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने तेलंगाना…
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने कल…