रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वाभाविक हिस्सा नहीं है, बल्कि यह उपनिवेशवाद की निशानी है जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर की भावना का उल्लंघन करती है।
कल एक संवाददाता सम्मेलन में सर्गेई लावरोव ने कहा कि ग्रीनलैंड ऐतिहासिक रूप से नॉर्वे और डेनमार्क का उपनिवेश था। यह 20वीं शताब्दी में डेनमार्क का संबद्ध क्षेत्र बना। सर्गेई लावरोव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने 17 ऐसे क्षेत्रों को सूचीबद्ध किया है जो अभी भी किसी अन्य देश के नियंत्रण में हैं। इस संदर्भ में उन्होंने फ्रांस और ब्रिटेन से जुड़े उदाहरण भी दिए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होने के नाते रूस का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसके पास वीटो पावर है। अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड के अधिग्रहण के कदम का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर लगातार टैरिफ बढ़ाने की भी बात कही है, जिससे इस क्षेत्र पर विवाद और बढ़ गया है।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने महाराष्ट्र के अपने दो दिवसीय दौरे…
भारत सरकार ने विद्युत (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है, जिसमें कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट्स…
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आज मुरादाबाद स्थित तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज पंजाब के मोगा जिले से अगले वर्ष होने…
भारतीय ध्वज वाले दो जहाज़ शिवालिक और नंदादेवी ने आज तड़के होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक…