केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय के केंद्रीय योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद (सीसीआरवाईएन) के तहत सफदरजंग अस्पताल में योग और नेचुरोपैथी ओपीडी व लाइफस्टाइल इंटरवेंशन सेंटर ने “रोगियों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए चिकित्सा पद्धति में योग को शामिल करना” शीर्षक से एक संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
इस संगोष्ठी ने योग, स्वास्थ्य सेवा और अनुसंधान के क्षेत्रों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को चिकित्सा पद्धति में योग को शामिल करने के बहुत से लाभों का पता लगाने के लिए एक मंच प्रदान किया। डॉ. सुजाता जॉर्ज योग और प्राकृतिक चिकित्सा वरिष्ठ सलाहकार चिकित्सक ने बताया कि इस कार्यक्रम में सफदरजंग अस्पताल के लगभग 85 चिकित्सा पेशेवरों ने भाग लिया, जिनमें डॉ. जयंती मणि अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. आर पी अरोड़ा एएमएस, डॉ. गौरव अरोड़ा एएमएस, एलोपैथी डॉक्टर, रेजिडेंट, नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्य सेवा प्रशासक और आयुष विभाग के डॉक्टर शामिल थे।
संगोष्ठी की मुख्य हाइलाइट्स में शामिल थी:
भारत ने सुरक्षा के मद्देनजर अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की कड़ी…
‘सड़क सुरक्षा माह 2026’ मनाने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक पशुओं के आने से होने…
भारतीय रेलवे अपने आधुनिकीकरण की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर जोड़ने की…
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने सरकार की नदियों को केवल जलमार्ग के रूप…
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में अरावली…
सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 14 जनवरी, 2026 को दिल्ली कैंट में नेशनल…