दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 से 25 सितंबर के बीच देश से लौटना शुरू हो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर एक जून तक केरल में प्रवेश करता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में पहुंच जाता है। यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू होता है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है।
आईएमडी ने कहा, “19-25 सितंबर के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।” मानसून सीजन चार महीने का होता है और इसबार एक जून से अब तक देश में 836.7 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह सामान्य (772.5 मिमी) से आठ प्रतिशत अधिक है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से 16 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई जबकि उत्तर-पश्चिम में चार प्रतिशत, मध्य में 19 प्रतिशत और दक्षिण भारत में 25 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज हुई।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पहले ही इस मानसून सीजन में सामान्य से अधिक वर्षा की भविष्यवाणी की थी। इसने पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम मानसून वर्षा, उत्तर-पश्चिम में सामान्य तथा मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में मानसून की सामान्य से अधिक वर्षा का सटीक पूर्वानुमान लगाया था। आईएमडी के अनुसार पंजाब, पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा, हिमाचल प्रदेश, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख तथा बिहार के हिस्सों में इस मौसम में अब तक कम वर्षा दर्ज की गई है।
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