सर्वोच्च न्यायालय ने आज वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की तत्काल सुनवाई को सूचीबद्ध करने पर विचार करने को लेकर सहमति दिखाई है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायाधीश संजय कुमार और के.वी.विश्वनाथन की खंडपीठ ने जमीयत उलमा-ए-हिंद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की दलीलों पर गौर किया है। दलीलों में पाया गया कि इस मुद्दे पर कई याचिकाएं हैं और उन्हें तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की जरूरत है। इसके अलावा, कपिल सिब्बल, वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी और अधिवक्ता निजाम पाशा ने अन्य याचिकाओं को तत्काल सूचीबद्ध किए जाने का भी उल्लेख किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को अपनी सहमति दे दी है। इस विधेयक को पहले दोनों सदनों में काफी बहस के बाद संसद ने पारित कर दिया था।
म्यांमा के राष्ट्रपति ऊ मिन आऊँ लाइन् आज भारत के पांच दिन के दौरे पर…
बिहार में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में सात लोगों की मौत…
राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) ने एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने “खेत बचाओ अभियान” को केवल एक जागरूकता कार्यक्रम…
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज पणजी में गोवा के 40वें राज्य स्थापना दिवस समारोह में…