सर्वोच्च न्यायाल ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से दो सप्ताह के भीतर उन सभी स्रोतों का पहचान करने को कहा है जो प्रदूषण के मुख्य कारक हैं। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची ने कहा कि आयोग सभी विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर दीर्घकालिक समाधान सुझाए जिसे चरणबद्ध रूप से लागू किया जा सके।
न्यायालय ने यह भी कहा कि यह सुझाव ऐसे होने चाहिए जिससे लोगों की आजीविका, उद्योग और जनता पर प्रतिकूल प्रभाव न पडे। न्यायालय ने यह भी कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के उपाय इसलिए विफल रहे कि न्यायालय ने कई विशेषज्ञों के विचार लिए जो अलग–अलग प्रकार के थे। पीठ ने रिपोर्ट देने के लिए दो महीने का समय दिए जाने के संबंध में अपर सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी के अनुरोध पर तीखी प्रतिक्रिया दी। हांलाकि, न्यायालय ने आयोग को दो सप्ताह का समय देते हुए इस महीने की 21 तारीख तक कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। न्यायालय ने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उठाए गए कई मुद्दों पर आयोग की स्थिति–रिपोर्ट मौन है।
विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि भारत और कनाडा द्विपक्षीय संबंधों को…
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन आज तिरुवनंतपुरम में श्री उथराडोम थिरुनल (एसयूटी) एकेडमी ऑफ मेडिकल साइसेंज…
भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्रि और मिसाइल कार्वेट आईएनएस कुलिश…
भारतीय वायु सेना ने कल आयोजित उद्घाटन समारोह के बाद जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 27 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में एक रक्षा सम्मेलन…