सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ उनके सरकारी आवास पर अवैध नकदी मिलने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति वर्मा के घर से आग लगने की घटना के बाद नकदी की बोरियां बरामद की गई थीं। न्यायमूर्ति अभय ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की और आंतरिक जांच पूरी करने को कहा।
पीठ ने कहा कि अगर आंतरिक जांच में यशवंत वर्मा को दोषी पाया जाता है तो मुख्य न्यायाधीश के पास प्राथमिकी दर्ज कराने या सरकार से उन्हें हटाने की सिफारिश करने का विकल्प होगा। फिलहाल आंतरिक जांच चल रही है।
जी-7 देशों ने वैश्विक स्वास्थ्य और विकास सहयोग को मजबूत करने के लिए कई नई…
फ्रांस के एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में झुग्गी झोपड़ी बस्तियों के पुनर्वास…
बढ़ते कोयला परिवहन, अतिरिक्त माल ढुलाई और नेटवर्क क्षमता में वृद्धि के लिए अत्यधिक इस्तेमाल…
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू विकास और आर्थिक स्थिरता…