सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ उनके सरकारी आवास पर अवैध नकदी मिलने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति वर्मा के घर से आग लगने की घटना के बाद नकदी की बोरियां बरामद की गई थीं। न्यायमूर्ति अभय ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की और आंतरिक जांच पूरी करने को कहा।
पीठ ने कहा कि अगर आंतरिक जांच में यशवंत वर्मा को दोषी पाया जाता है तो मुख्य न्यायाधीश के पास प्राथमिकी दर्ज कराने या सरकार से उन्हें हटाने की सिफारिश करने का विकल्प होगा। फिलहाल आंतरिक जांच चल रही है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत ने वित्त वर्ष…
अमरीका ने रूस या ईरान से तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में कोई और छूट…
जनगणना के तहत मकानों की गिनती का पहला चरण आज से कई राज्यों में शुरू…
संसद के विस्तारित बजट अधिवेशन का तीन दिन का विशेष सत्र आज से शुरू हो…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कर्नाटक के मांड्या जिले के श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरि में श्री…
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को फ्रांस को भारत के सबसे भरोसेमंद और मित्रवत…