सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ उनके सरकारी आवास पर अवैध नकदी मिलने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति वर्मा के घर से आग लगने की घटना के बाद नकदी की बोरियां बरामद की गई थीं। न्यायमूर्ति अभय ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की और आंतरिक जांच पूरी करने को कहा।
पीठ ने कहा कि अगर आंतरिक जांच में यशवंत वर्मा को दोषी पाया जाता है तो मुख्य न्यायाधीश के पास प्राथमिकी दर्ज कराने या सरकार से उन्हें हटाने की सिफारिश करने का विकल्प होगा। फिलहाल आंतरिक जांच चल रही है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सॉर्टिंग हैट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड में कुछ हिस्सेदारी के अधिग्रहण…
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने मालाबार समूह की 51 कंपनियों के मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बीच नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात,…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जकार्ता में इंडोनेशिया की संसद को संबोधित किया। वह इंडोनेशिया…
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण…