स्टार्टअप और उद्योगों को पूरे देश में फैले हुए विभिन्न संस्थानों, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में उपकरण और एसएंडटी बुनियादी ढांचे का प्रयोग करने की अनुमति होगी

स्टार्टअप और उद्योगों को जल्द ही पूरे देश में फैले हुए विभिन्न संस्थानों, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में उपकरण और एसएंडटी बुनियादी ढांचे तक पहुंच प्राप्त होगी, जिसकी उन्‍हें अपने आरएंडडी, प्रौद्योगिकी और उत्पाद विकास के प्रयोगों और परीक्षणों के लिए आवश्यकता है। डीएसटी अपने एफआईएसटी (विश्वविद्यालयों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में एसएंडटी बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए धनराशि) का पुनर्गठन कर रहा है, जिसके तहत यह विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षण और अनुसंधान के लिए बुनियादी ढांचा नेटवर्क की स्थापना को बढ़ावा देने का समर्थन करता है…

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स्टार्टअप पारितंत्र को समर्थन के लिए राज्यों की रैंकिंग: 2019 के परिणाम घोषित

वाणिज्य एवं उद्योग और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने वर्चुअल समारोह के माध्यम से आज स्टार्टअप पारितंत्र के लिए समर्थन पर राज्यों की रैकिंग के दूसरे संस्करण के परिणाम जारी किए। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री और नागरिक विमानन, आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश उपस्थित रहे। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने और स्टार्टअप पारितंत्र के सन्दर्भ में सक्रियता से काम…

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RBI ने प्राथमिकता क्षेत्र के ऋण संबंधी दिशा-निर्देशों में संशोधन किया, स्टार्ट-अप कम्पनियों को बैंक ऋण देने के लिए प्राथमिकता क्षेत्र का दर्जा मिलेगा

RBI announces Rs 50,000 crore special liquidity facility for mutual funds

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को ऋण देने के दिशानिर्देश में संशोधन किया है। बैंक ने कहा है कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को ऋण सुविधा देने के मामले में क्षेत्रीय विषमताएं दूर करने के उद्देश्‍य से यह कदम उठाया गया है। संशोधित दिशा-निेर्देशों में उन जिलों को वरीयता दी जाएगी जहां प्राथमिकता क्षेत्र ऋण का प्रवाह अपेक्षाकृत कम है। संशोधित दिशा-निर्देशों में स्टार्ट-अप्स को 50 करोड़ रूपये तक का बैंक वित्त और किसानों को ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों और कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) संयंत्रों की…

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ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2020: वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत शीर्ष 50 देशों में शामिल

वर्ल्‍ड इंटेलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन द्वारा तैयार ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स यानी वैश्विक नवाचार सूचकांक 2020 की रैंकिंग में भारत 4 पायदान चढ़कर 48वें पायदान पर पहुंच गया है। कोविड-19 वैश्विक महामारी के बीच यह भारत के लिए ऊपर उठने के समाचार के रूप में सामने आया है और इससे भारत में मजबूत आरएंडडी परिवेश का पता चलता है। वर्ष 2019 में भारत 52वें पायदान पर रहा था और वर्ष 2015 में वह 81वें स्थान पर था। दुनिया भर में अत्यधिक नवोन्‍मेषी विकसित देशों की जमात में शामिल होना एक उल्लेखनीय उपलब्धि…

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