आज से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही प्रमुख वित्तीय नियमों में बदलाव सहित कई सुधार लागू हो जाएंगे। नए वित्त वर्ष के पहले दिन आज आयकर अधिनियम– 2025 ने छह दशक से भी अधिक पुराने आयकर अधिनियम 1961 स्थान ले लिया है। इसे पुराने प्रावधानों को हटाकर, जटिल नियमों को सुव्यवस्थित करके और करदाताओं के लिए अनुपालन को अधिक सरल बनाकर कर प्रणाली को आसन बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशानुसार आज से देश में सभी डिजिटल भुगतान लेनदेन के लिए टू–फैक्टर ऑथेंटिकेशन–दो–कारक प्रमाणिकरण के मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए फास्ट टैक वार्षिक पास का संशोधित शुल्क भी आज से लागू होगा। इसके साथ ही स्थायी खाता संख्या पेन कार्ड के लिए आवेदन करने या उसे अपडेट करने के संशेाधित नियम भी आज से प्रभावी होंगे।
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