आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं
आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। इस वर्ष का विषय है- महिलाओं और बालिकाओं के लिए अधिकार, न्याय और कार्रवाई। हमारी संवाददाता ने बताया है कि यह महिला अधिकारों को मजबूत करने, न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने और स्त्री-पुरुष समानता में तेजी लाने की भावना को दर्शाता है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विश्वभर में महिलाओं की उपलब्धियों और योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। यह दिवस राष्ट्रीय, जातीय, भाषाई, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक सीमाओं से परे महिलाओं की भूमिका को मान्यता देने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के लिए समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित करने पर बल देना है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1977 में मान्यता प्राप्त यह दिवस आज लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच बन चुका है। भारत में केंद्र सरकार भी महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नीतियों, योजनाओं और विधायी उपायों के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही है। देश में लड़कियों को प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की समान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए कई पहल की गई हैं। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस “गिव टू गेन” नामक वैश्विक अभियान के साथ मनाया जा रहा है, जो लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने में सामूहिक सहयोग की शक्ति को रेखांकित करता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज और राष्ट्र की नींव हैं और शिक्षित, आत्मनिर्भर तथा सशक्त महिलाएं समृद्ध और प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि आज युवा महिलाएं नए भारत के सपने साकार कर रही हैं। राष्ट्रपति नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में एक समारोह में शामिल होंगी। महिला और बाल विकास मंत्रालय आज कर्तव्य-पथ पर अलग-अलग क्षेत्र की महिलाओं के साथ शक्ति वॉक का आयोजन कर रहा है।





