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Transgender Persons (Protection of Rights) Amendment Bill, 2026 Passed in Lok Sabha
भारत

लोकसभा में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों-अधिकारों का संरक्षण संशोधन विधेयक 2026 पारित

लोकसभा ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों-अधिकारों का संरक्षण, संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। इस विधेयक का उद्देश्य इस बारे में अधिनियम, 2019 में संशोधन करना है। इसके अंतर्गत एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति, जिला मजिस्ट्रेट के पास ट्रांसजेंडर व्यक्ति के रूप में पहचान प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आवेदन कर सकता है। जिला मजिस्ट्रेट एक नामित चिकित्सा बोर्ड की सिफारिश की जांच करने के बाद प्रमाण पत्र जारी करेगा।

बोर्ड की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी या उप-मुख्य चिकित्सा अधिकारी करेंगे। जिला मजिस्ट्रेट अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों की सहायता भी ले सकते हैं। विधेयक में यह भी प्रावधान है कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति पहचान प्रमाण पत्र के आधार पर जन्म प्रमाण पत्र और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में अपना पहला नाम बदलवा सकेंगे।

चर्चा का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का संकल्‍प है और एनडीए सरकार सभी के कल्याण के लिए काम कर रही है।

केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि सात वर्ष पहले, ट्रांसजेंडर लोगों के संरक्षण और कल्याण के लिए एक विधेयक लोकसभा में पेश किया गया था और आज इसमें संशोधन करके इन्‍हें संरक्षण प्रदान किया गया है।

कांग्रेस की एस ज्योतिमणि ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इसे ट्रांसजेंडरों से परामर्श किए बिना लाया गया है। समाजवादी पार्टी के आनंद भदौरिया ने इसे चयन समिति को भेजने की मांग की। डीएमके की डॉ. टी सुमति ने भी विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि राज्य ट्रांसजेंडर पहचान का फैसला कैसे कर सकता है।

तृणमूल कांग्रेस की जूने मलिया ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक ट्रांसजेंडर आबादी वाले देशों में से एक है, और यह विधेयक उनकी रक्षा और सशक्तिकरण नहीं करता। एनसीपी-शरद पवार गुट की सुप्रिया सुले ने इसे ट्रांसजेंडर विरोधी विधेयक करार दिया। टीडीपी के डॉ. बायरेड्डी शबरी ने कहा कि यह विधेयक ऐतिहासिक है क्योंकि यह ट्रांसजेंडर समुदाय को पहचान और न्याय दिलाता है।

भाजपा के प्रताप चंद्र सारंगी ने विधेयक को क्रांतिकारी निर्णय बताया और कहा कि विधेयक में कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए कठोर दंड का प्रावधान है।

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