निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनावों को देखते हुए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके आरक्षित ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगा दी है। आयोग ने पार्टी के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को उपचुनाव में इनका इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों गुटों से आज सुबह 11 बजे तक अपने-अपने समूह के लिए तीन नाम और तीन मुक्त चुनाव चिह्न, प्राथमिकता के क्रम में देने को कहा है। आयोग इनमें से एक नाम और एक चुनाव चिह्न को मंजूरी देगा।
आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस में दो प्रतिद्वंद्वी गुट हैं और दोनों ही पार्टी पर अपना दावा कर रहे हैं। आयोग ने कहा कि पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर अंतिम फैसला चुनाव चिह्न- (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के पैरा 15 के तहत किया जाना बाकी है। तब-तक दोनों गुटों के लिए यह अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी।
आयोग ने कहा कि दोनों गुट अपने लिए अलग-अलग नाम रख सकते हैं और चाहें तो अपने नाम में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस से संबंध का उल्लेख कर सकते हैं। दोनों गुटों को मौजूदा उपचुनाव के लिए आयोग की ओर से अधिसूचित मुक्त चुनाव चिह्नों की सूची में से अलग-अलग चिह्न दिए जाएंगे। नंदीग्राम और रेगीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं।
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