भारतीय मादक पदार्थों की वैश्विक मांग बढ़ रही है, जो विकास के लिए एक अवसर है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) अगले कुछ वर्षों में 1 अरब डॉलर के निर्यात राजस्व के लक्ष्य के साथ वैश्विक स्तर पर भारतीय मादक और गैर-मादक पेय पदार्थों को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत एपीडा प्रमुख विदेशी गंतव्यों को भारतीय मादक पदार्थों के निर्यात को बढ़ाने का लक्ष्य बना रहा है। भारत वर्तमान में मादक पेय पदार्थों के निर्यात के मामले में दुनिया में 40वें स्थान पर है।
भारतीय मादक पदार्थों के लिए एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, गोडावन सिंगल माल्ट व्हिस्की को यूनाइटेड किंगडम में राजस्थान में निर्मित एक कलात्मक सिंगल माल्ट व्हिस्की के रूप में लॉन्च करने की तैयारी है।
गोडावन की पहली खेप को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अपर सचिव राजेश अग्रवाल और डियाजियो पीएलसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेबरा क्रू, एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव और डियाजियो इंडिया की एमडी एवं सीईओ हिना नागराजन तथा अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से यूनाइटेड किंगडम के लिए रवाना किया गया।
गोडावन सिंगल माल्ट व्हिस्की ने एपीडा के तहत मार्च 2024 में लंदन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय खाद्य एवं पेय कार्यक्रम (आईएफई) में भाग लिया था और गोडावन का प्रचार-प्रसार किया था। इस भागीदारी ने यूके में गोडावन को लॉन्च करने और यूके को निर्यात शुरू करने के लिए अग्रदूत के रूप में काम किया।
इस पहल से अलवर क्षेत्र के किसानों की मदद होगी। गोडावन के उत्पादन में उपयोग की जाने वाली छह पंक्तियों वाली जौ को स्थानीय रूप से खरीदा गया है। इससे स्थानीय किसानों की कृषि आय बढ़ाने में मदद मिलती है।
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