विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम के तहत राज्यों को औसत से 17 हजार करोड़ रुपये अधिक आवंटन की संभावना
विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) -विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के तहत अधिकांश राज्यों को पिछले सात वर्षों के औसत आवंटन की तुलना में 17 हजार करोड़ रुपये अधिक आवंटित होने की संभावना है। इस अधिनियम ने 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 का स्थान लिया है। भारतीय स्टेट बैंक की एक शोध रिपोर्ट के अनुसार अधिनियम से राज्यों को समग्र धन वितरण में सुधार होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम का उद्देश्य परिवर्तनकारी पद्धतियों और रणनीतियों को एकीकृत करना है। इसके माध्यम से प्रतिस्पर्धी परियोजना की पहचान, उत्पादक संपत्ति निर्माण, अधिक आय सृजन और एक कुशल निगरानी तंत्र से संबंधित चुनौतियों का समाधान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. सौम्य कांति घोष की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम का उद्देश्य सभी स्तरों पर रोजगार सृजन, पारदर्शिता, नियोजन और जवाबदेही को सुदृढ़ करते हुए संरचनात्मक कमजोरियों को दूर करना है।
संसद के शीतकालीन सत्र में विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025 पारित किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है। यह अधिनियम प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी देता है।





