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सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने दिल्ली कैंट में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस कैंप (आरडीसी) का दौरा किया

सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 14 जनवरी, 2026 को दिल्ली कैंट में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस कैंप (आरडीसी) का दौरा किया। उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन को उद्धृत करते हुए, सेना प्रमुख ने युवाओं को “नए भारत का चेहरा” बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे देश की सबसे शक्तिशाली आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अनुशासन, उद्देश्य और संकल्प के माध्यम से राष्ट्रीय परिवर्तन लाने में सक्षम हैं।

सेना प्रमुख ने हाल के सालों में एनसीसी कैडेटों के महत्वपूर्ण योगदान के बारे में बताते हुए ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण दिया जो भारत की सशक्तता का सबूत है, जिसके दौरान 75,000 से अधिक एनसीसी कैडेटों ने पूरे देश में सिविल डिफेंस, हॉस्पिटल मैनेजमेंट, राहत सामग्री बांटने और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में स्वयंसेवक की भूमिका निभाई। आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कैडेटों के प्रशिक्षण में शामिल किए गए ड्रोन ट्रेनिंग की शुरुआत, पुनीत सागर अभियान, एक भारत श्रेष्ठ भारत, एक पेड़ मां के नाम, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और स्वच्छ भारत अभियान जैसी राष्ट्रीय पहलों में भागीदारी और युवा आपदा मित्र योजना के तहत 28 राज्यों के 315 जिलों में 94,400 कैडेटों को आपदा तैयारी को लेकर प्रशिक्षण जैसे नये उपायों की सराहना की। उन्होंने यह भी बताया कि 35,000 से भी अधिक कैडेटों ने देश भर में सैन्य इकाइयों और सैनिक अस्पतालों के साथ अटैचमेंट ट्रेनिंग की है।

सेना प्रमुख ने अपने भाषण के अंत में कहा कि एनसीसी सशस्त्र बलों में शामिल होने का एक जरूरी रास्ता बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस साल 150 से अधिक कैडेटों ने सैन्य प्रशिक्षण अकादमियों में प्रवेश लिया है। उन्होंने युवाओं से सोच, प्रौद्योगिकी और चरित्र में आत्मनिर्भर बनने और आईआईटी में आर्मी सेल तथा इंडियन आर्मी इंटर्नशिप प्रोग्राम 2025-26 जैसी पहलों के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा, इनोवेशन और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान किया। कैडेटों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अनुशासन के साथ मार्च करने और समर्पण के साथ सेवा करने का आग्रह करते हुए, उन्होंने कहा कि एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण देश के युवा ही करेंगे।

जनरल द्विवेदी ने कैडेटों की शानदार परेड और अनुकरणीय आचरण की सराहना करते हुए गार्ड ऑफ ऑनर के शानदार प्रदर्शन, द सिंधिया स्कूल, ग्वालियर के बैंड प्रदर्शन, फ्लैग एरिया प्रस्तुति और कैडेटों द्वारा प्रस्तुत जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला, जिन्होंने भारत की विविधता में एकता को प्रदर्शित किया।

इस कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, उन्होंने एनसीसी कैडेटों द्वारा तैयार और प्रस्तुत ‘फ्लैग एरिया’ का भी दौरा किया, जिसमें उनके संबंधित राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक विरासत और विकासात्मक प्रगति को प्रदर्शित किया गया था, और एनसीसी ‘हॉल ऑफ फेम’ का भी दौरा किया। कैडेटों ने स्टैटिक और फंक्शनल शिप मॉडल और एयरोमॉडलिंग के माध्यम से अपनी रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का भी प्रदर्शन किया।

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