गृह मंत्रालय के ‘वतन को जानो’ कार्यक्रम में भाग लेने वाले जम्मू-कश्मीर के 250 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडल ने आज नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से भेंट की।
‘वतन को जानो’ कार्यक्रम गृह मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर सरकार की एक पहल है। इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के युवाओं को भारत के विभिन्न हिस्सों को जानने का अवसर प्रदान करके राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
उपराष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें जम्मू-कश्मीर के ऐसे ऊर्जावान, प्रतिभाशाली और दृढ़ निश्चयी युवाओं से बातचीत करके प्रसन्नता हुई। कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के लिए पिछले महीने श्रीनगर की अपनी यात्रा का स्मरण करते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण में हुई महत्वपूर्ण प्रगति के अवलोकन का उल्लेख किया।
उपराष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम के पहली बार रणजी ट्रॉफी जीतने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि शिक्षा में महिलाओं का नेतृत्व और युवा क्रिकेटरों की खेल संबंधी उपलब्धियां मिलकर उस प्रगतिशील दिशा को दर्शाती हैं जिसमें जम्मू-कश्मीर के युवा भविष्य को आकार दे रहे हैं।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने गृह मंत्रालय के ‘वतन को जानो’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल न केवल युवाओं को साझा राष्ट्रीय पहचान के विचार से जोड़ती है, बल्कि आत्मविश्वास, जागरूकता और आकांक्षा का निर्माण भी करती है, साथ ही “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को भी बढ़ावा देती है।
उपराष्ट्रपति महोदय ने जम्मू-कश्मीर को असाधारण प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध संस्कृति की भूमि बताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन स्थल बनने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और उद्यमिता के क्षेत्र में अवसरों के विस्तार के साथ, प्रत्येक युवा में एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और समावेशी भविष्य का निर्माता बनने की क्षमता है। उन्होंने उनसे अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने, अपनी जड़ों से जुड़े रहने और जम्मू-कश्मीर को राष्ट्र के लिए सद्भाव, विकास और प्रेरणा का प्रतीक बनाने की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने का आग्रह किया।
उपराष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थी सिविल सेवा, आईआईटी और आईआईएम प्रवेश परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वस्थ युवा एक मजबूत और प्रगतिशील राष्ट्र की नींव हैं।
उपराष्ट्रपति महोदय ने अपनी शुभकामनाएँ देते हुए युवा प्रतिभागियों से आत्मविश्वास से खड़े रहने, आत्म-विश्वास रखने और विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने पर गर्व करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य के विकसित होने पर ही विकसित भारत की परिकल्पना संभव हो सकती है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में जम्मू-कश्मीर में हुए विकासात्मक परिवर्तनों को याद किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं की आकांक्षाएँ बढ़ी हैं और कई युवा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
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