भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उन मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया था कि 06 अप्रैल 2026 को बिहार के बेगुसराय जिले के सिसवा क्षेत्र में स्थित एक विद्यालय के जर्जर शौचालय में बोतलों में भरी हुई अवैध शराब को चौथी कक्षा के एक छात्र ने शीतल पेय समझकर गलती से पी ली। वह नशे की हालत में घर लौटा। छात्र के परिवार वालों ने घटना की जानकारी स्कूल के अधिकारियों को दी और मामला पुलिस के संज्ञान में लाया गया। खबरों के अनुसार, पुलिस ने शौचालय से लगभग 204 लीटर अवैध शराब से भरे कुल 23 कार्टन जब्त किए।
आयोग ने पाया कि अगर मीडिया रिपोर्ट में उल्लिखित तथ्य सत्य हैं, तो पीड़ित के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठाते हैं। अतः आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव एं पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें रिपोर्ट बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति एवं जांच से संबंधित जानकारी शामिल हो।
08 अप्रैल 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 05 अप्रैल 2016 से लागू शराब के निर्माण, बिक्री एवं सेवन पर प्रतिबंध के बीच घटी है, जिस दिन बिहार को शुष्क राज्य घोषित किया गया था।
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