NCA, DoT और IIMC ने दूरसंचार नीति, अनुसंधान और क्षमता निर्माण में सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
राष्ट्रीय संचार अकादमी (एनसीए), दूरसंचार विभाग (डीओटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान कलकत्ता (आईआईएमसी) ने आज नई दिल्ली के संचार भवन में डीसीसी के अध्यक्ष और सचिव (दूरसंचार) डॉ. नीरज मित्तल की उपस्थिति में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
आईआईएमसी के निदेशक प्रो. आलोक कुमार राय और राष्ट्रीय संचार अकादमी-प्रौद्योगिकी (एनसीए-टी), गाजियाबाद के महानिदेशक अतुल सिन्हा ने इस समझौता ज्ञापन पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आईआईएमसी के डीन (कार्यकारी शिक्षा) प्रो. आर. राजेश बाबू, एनसीए-टी के उपमहानिदेशक (टीएस एवं पीआर) नवनीत चौहान और एनसीए-टी के निदेशक (नीति अनुसंधान) शशि शेखर पांडे भी उपस्थित थे।
यह समझौता ज्ञापन एनसीए और आईआईएमसी के बीच एक व्यापक सहयोग ढांचा स्थापित करता है। इसका उद्देश्य सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, मोबाइल संचार और साइबरस्पेस जैसे उभरते क्षेत्रों में क्षमता निर्माण, अनुसंधान, परामर्श, नीति निर्माण तथा प्रशिक्षण में संयुक्त पहल को बढ़ावा देना है। यह समझौता दूरसंचार क्षेत्र में मानव संसाधन विकास को सुदृढ़ करने के लिए ज्ञान-आधारित कार्यक्रम विकसित करने, कार्यशालाओं का आयोजन करने और नीति एवं परामर्श सहयोग हेतु एक मंच तैयार करने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
एनसीए के बारे में
राष्ट्रीय संचार अकादमी (एनसीए), दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय के अंतर्गत एक प्रशिक्षण संस्थान है, जो आईटीएस, आईआरआरएस संवर्गों और सिविल सेवा आईपी और टीएएफएस से संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के क्षमता निर्माण में संलग्न है तथा भारत के डिजिटल विकास के लिए नीति विकास और मानव संसाधन क्षमता में योगदान दे रहा है।
आईआईएमसी के बारे में
भारतीय प्रबंधन संस्थान, कलकत्ता, भारत के प्रमुख व्यावसायिक विद्यालयों में से एक है और शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत प्रबंधन शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमिता में अपनी उत्कृष्टता के लिए विख्यात है। सरकार द्वारा स्थापित पहला भारतीय प्रबंधन संस्थान, आईआईएम कलकत्ता, एक त्रि-मान्यता प्राप्त संस्थान है और प्रतिष्ठित वैश्विक सीईएमएस गठबंधन का एकमात्र भारतीय सदस्य है।





