राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी का स्वागत किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी का स्वागत किया। उन्होंने उनके सम्मान में एक भोज का भी आयोजन किया।
सेशेल्स के राष्ट्रपति हर्मिनी के भारत के पहले राजकीय दौरे पर उनका स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और सेशेल्स के बीच संबंध आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित हैं तथा लोकतंत्र और बहुलवाद में साझा आस्था से जुड़े हैं। हिंद महासागर की लहरें और हमारे लोगों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हमें एक-दूसरे से जोड़ते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि इस वर्ष सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है और साथ ही हम भारत–सेशेल्स राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। इसलिए यह यात्रा एक अत्यंत विशेष समय पर हो रही है।
राष्ट्रपति ने कहा कि सेशेल्स भारत के महासागर (MAHASAGAR) विजन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, जिसका उद्देश्य विकास के लिए व्यापार, सतत विकास हेतु क्षमता निर्माण और साझा भविष्य के लिए परस्पर सुरक्षा के स्तंभों के आधार पर सहयोग को और सुदृढ़ करना है। उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा कि इस विजन के तहत, भारत सेशेल्स की विकास और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हमेशा तैयार है।
राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि इस यात्रा के दौरान घोषित विशेष आर्थिक पैकेज से सेशेल्स के स्वास्थ्य, अवसंरचना, शिक्षा, रक्षा तथा क्षमता निर्माण जैसे कई प्राथमिक क्षेत्रों में भारत–सेशेल्स सहयोग को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि “भारत–सेशेल्स संयुक्त विजन: सुदृढ़ संपर्कों के माध्यम से स्थिरता, आर्थिक वृद्धि और सुरक्षा” आने वाले वर्षों में हमारे सहयोग के लिए एक मजबूत मज़बूत नींव रखेगा।
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत–सेशेल्स द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में दोनों देश अपने लोगों के पारस्परिक हितों तथा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए और अधिक करीब आएंगे।




