प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने BabyQ प्राइवेट लिमिटेड, कटक को बालपन अतिसार के त्वरित जांच संबंधी उपकरण विकसित करने में सहयोग दिया
केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने ओडिशा के कटक स्थित बेबीक्यू प्राइवेट लिमिटेड को बालपन अतिसार के त्वरित जांच संबंधी डिस्पोजेबल पेपर विश्लेषणात्मक उपकरण विकसित करने संबंधी परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह परियोजना स्वदेशी त्वरित निदान किट को व्यावसायिक रूप देने पर केंद्रित है, जिसे बच्चों में जीवाणु और गैर-जीवाणु दस्त के बीच समय पर और सटीक अंतर का पता लगाने के लिए तैयार किया गया है।
प्रस्तावित उत्पाद, डायक्यू डायग्नोस्टिक किट, देश में बच्चों की दस्त की व्यापक समस्या से निपटने के लिए जैव प्रौद्योगिकी और पदार्थ विज्ञान के संयोग संबंधी महत्वपूर्ण स्वदेशी नवाचार है। यह किट त्वरित, गैर-नुकसानदेह और किफायती जांच उपकरण के रूप में डिज़ाइन की गई है, जिसे ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों और अस्थायी निदान केंद्रों में भी उपयोग में लाया जा सकता है।
डायक्यू उपकरण लैटरल फ्लो एसे (एलएफए) तकनीक पर आधारित है, जो रोग-विशिष्ट मल बायोमार्कर का उपयोग कर तेजी से रोग की पहचान करता है। इस प्रणाली में स्वर्ण नैनोकण आधारित रंगमितीय पहचान का प्रयोग होता है, जिससे विशेष प्रयोगशाला उपकरणों के बिना ही परिणामों को दृष्टिगत रूप से समझा जा सकता है। प्रोप्राइटरी बायोमार्कर और विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए अभिकर्मकों का उपयोग उच्च संवेदनशीलता और विशिष्टता सुनिश्चित करता है, जिससे जीवाणु और गैर-जीवाणु संक्रमणों के बीच विश्वसनीय अंतर करना संभव होता है। प्रोप्राइटरी बायोमार्कर पेटेंटेड, बायोलॉजिकल इंडिकेटर (मॉलिक्यूल, जीन, या इमेजिंग कैरेक्टरिस्टिक्स) है, जिन्हें खास फार्मास्यूटिकल, डायग्नोस्टिक या बायोटेक कंपनियां बीमारियों का पता लगाने, इलाज के असर का अनुमान लगाने या दवा के असर का पता लगाने के लिए बनाती हैं।
डायक्यू उपकरण से परीक्षण प्रक्रिया सरल हो जाती है और यह जांच के लिए उपयुक्त है। मल का ताजा नमूना सैंपल लूप या स्वैब के उपयोग से एकत्र किया जाता है और एक्सट्रैक्शन बफर के साथ मिलाया जाता है। कुछ देर बाद, साफ सुपरनेटेंट को एलएफए स्ट्रिप पर लगाया जाता है, जहां यह माइग्रेट करता है और स्थिर अभिकर्मकों के साथ प्रतिक्रिया कर दृश्यमान रंग परिवर्तन उत्पन्न करता है। स्ट्रिप पर रंगीन रेखाओं की उपस्थिति या अनुपस्थिति दर्शाती है कि संक्रमण जीवाणु है या गैर-जीवाणु। इससे कुछ ही मिनटों में त्वरित नैदानिक निर्णय लेने में सहायता मिलती है।
डायक्यू डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म के प्रमुख लाभों में जीवाणु और गैर-जीवाणु दस्त के बीच तेजी से अंतर करना, अनावश्यक एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग और रोगाणुरोधी प्रतिरोध में कमी लाने, नैदानिक और क्षेत्रीय दोनों वातावरणों में उपयोग में सुगम है, जिससे परिष्कृत प्रयोगशाला बुनियादी ढांचे पर निर्भरता नहीं रहती।
यह तकनीक हैदराबाद के राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के सहयोग से विकसित की गई है और हैदराबाद के कर्मचारी राज्य बीमा निगम-ईएसआईसी अस्पताल में इसका चिकित्सकीय सत्यापन किया गया है। इस विशेष बायोमार्कर पहचान पद्धति को अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के तहत संरक्षित किया गया है। इससे बौद्धिक संपदा संरक्षण सुनिश्चित कर इसका व्यापक व्यावसायीकरण सक्षम हुआ है।
इस अवसर पर प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था सुदृढ़ बनाने और नैदानिक क्षमता में सुधार के लिए त्वरित निदान संबंधी स्वदेशी नवाचार आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि डायक्यू डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म के व्यावसायीकरण का समर्थन कर, प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड का उद्देश्य किफायती, सुलभ और प्रौद्योगिकी-आधारित स्वास्थ्य समाधानों को बढ़ावा देना है जो बालपन के अतिसार जैसी गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों का निवारण करते हैं।
बेबीक्यू प्राइवेट लिमिटेड के प्रवर्तकों ने समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड की सहायता से कंपनी को उत्पाद विकसित करने में तेजी लाने, विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और रोगियों के लाभ के लिए इस नैदानिक समाधान को व्यापक रूप से स्थापित करने में मदद मिलेगी।





