पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने कोलकाता में राजनीतिक दलों के साथ बैठक की
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र मतदाता नाम मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो पाए। आयोग ने यह भी बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और परिवर्तन करने के लिए प्रपत्र 6/7/8 के तहत आवश्यक प्रक्रिया जारी है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ आज कोलकाता में आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इससे पहले आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से परामर्श किया। राजनीतिक दलों ने एसआईआर प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए मतदाताओं को डराने-धमकाने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने और संभावित हिंसा को रोकने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती का अनुरोध किया। कुछ दलों ने केवल एक या दो चरणों में चुनाव सम्पन्न कराने का अनुरोध किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सभी हितधारकों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया का आश्वासन दिया और मतदाताओं तथा कर्मचारियों के प्रति किसी भी प्रकार की हिंसा या धमकी को कतई बर्दाश्त न करने की बात कही। आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को पूर्ण निष्पक्षता बनाए रखने, अवैध प्रलोभनों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अलावा मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी मतदान केंद्रों पर रैंप और पीने के पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।





