प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज महान समाजवादी नेता और चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. लोहिया को एक बहुआयामी व्यक्तित्व के रूप में वर्णित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ जनता को संगठित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और वर्ष 1947 के बाद भारत की प्रगति में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. लोहिया एक एक असाधारण विचारक और देश में सामाजिक न्याय की सबसे प्रमुख आवाजों में से एक थे। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर यह भी कहा कि गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता आज भी कई पीढ़ियों को प्रेरित करती है, और लैंगिक समानता तथा सहभागी शासन पर उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा: “डॉ. राम मनोहर लोहिया जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। वे एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लोगों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसके बाद वर्ष 1947 के पश्चात भारत की प्रगति में योगदान दिया। वे एक उत्कृष्ट विचारक और सामाजिक न्याय की प्रमुख आवाज़ों में से एक थे। गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने के उद्देश्य के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता आज भी कई पीढ़ियों को प्रेरित करती है। लैंगिक समानता और सहभागी शासन पर उनके विचार भी समान रूप से उतने ही उल्लेखनीय हैं।”





