insamachar

आज की ताजा खबर

India-EU agreement is not just a trade deal, but a symbol of India growing global leadership and economic strength Shivraj Singh Chouhan
भारत

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के लीची किसानों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और संवेदनशील पहल की

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के लीची किसानों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और संवेदनशील पहल की है। किसानों द्वारा लीची स्टिंग बग से फसल को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाए जाने के बाद शिवराज सिंह के निर्देश पर तुरंत एक विशेषज्ञ कार्यबल (टास्क फोर्स) गठित किया गया, जो प्रभावित इलाकों का दौरा कर रिपोर्ट और समाधान देगा।

केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ में 7 मई को आयोजित कृषक संवाद कार्यक्रम के दौरान किसानों ने लीची स्टिंग बग के कारण फसल को हो रहे भारी नुकसान का मुद्दा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष उठाया था। इस पर शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल संज्ञान लिया और विशेषज्ञ कार्यबल के गठन का निर्देश दिया।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर द्वारा 7 मई को जारी आदेश के अनुसार, यह टास्क फोर्स लीची स्टिंग बग की वर्तमान स्थिति का आकलन करेगा, प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा, फसल क्षति का वैज्ञानिक अध्ययन करेगा और किसानों को राहत पहुंचाने के लिए तात्कालिक तथा दीर्घकालिक उपाय सुझाएगा। साथ ही यह कार्यबल किसानों के लिए जरूरी परामर्श, विस्तार गतिविधियों और राज्य व केंद्र स्तर पर आवश्यक हस्तक्षेप संबंधी सुझाव भी देगा।

आदेश के अनुसार, इस विशेषज्ञ कार्यबल का गठन विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिकों, अधिकारियों और विशेषज्ञों को शामिल कर किया गया है। इसमें राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर के निदेशक को अध्यक्ष बनाया गया है। इसमें निम्न सदस्य लिए गए हैं – उद्यान-सह-बिहार राज्य बागवानी मिशन के निदेशक, बिहार सरकार द्वारा नामित प्रतिनिधि, पौधा संरक्षण, कृषि विभाग, बिहार सरकार के निदेशक द्वारा नामित प्रतिनिधि, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर के कीट वैज्ञानिक द्वारा नामित प्रतिनिधि, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के प्रधान वैज्ञानिक (कीट विज्ञान) द्वारा नामित प्रतिनिधि, एकीकृत बागवानी विकास मिशन द्वारा नामित प्रतिनिधि, पूर्वी क्षेत्र के लिए भाकृअनुप-अनुसंधान परिसर और पहाड़ी एवं पठारी क्षेत्र के लिए कृषि प्रणाली अनुसंधान केंद्र, रांची के वैज्ञानिक डॉ. जयपाल सिंह चौधरी, राष्ट्रीय कृषि कीट संसाधन ब्यूरो, बेंगलुरु के डॉ. एम. सम्पत कुमार, भाकृअनुप-राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर वैज्ञानिक (कीट विज्ञान) डॉ. इप्सिता सामल तथा प्रधान वैज्ञानिक (कीट विज्ञान) डॉ. विनोद कुमार (सदस्य सचिव)।

आदेश के मुताबिक, यह कार्यबल बिहार के लीची उत्पादक जिलों के मुख्य प्रभावित प्रखंडों का जल्द दौरा करेगा। इसके बाद यह टीम एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष प्रस्तुत करेगी ताकि समय रहते जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

LEAVE A RESPONSE

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *