गृह मंत्री अमित शाह ने कहा – कृत्रिम जनसांख्यिकीय बदलावों पर केंद्र की उच्च स्तरीय समिति इस मुद्दे से निपटने के लिए कानून की आवश्यकता का आकलन करेगी
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि अवैध घुसपैठ और अन्य अस्वाभाविक कारणों से होने वाले कृत्रिम जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति इस मुद्दे से निपटने के लिए कानून की आवश्यकता का आकलन करेगी। गांधीनगर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता वाली समिति एक वर्ष में अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर घुसपैठिए की पहचान कर उसे देश से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।
घुसपैठिए को देश के बाहर निकालना, ये हमारी सरकार का संकल्प है और इसके लिए नरेन्द्र मोदी जी ने एक डेमोग्राफिक चेंज कमेटी बनाने का निर्णय किया है। ये हाई पावर कमेटी देशभर में जनसांख्यिकी का जो कृत्रिम बदलाव हुआ है उसके कारणों और उपायों की चिंता करेगी और इसके लिए कोई कानून बनाने की जरूरत है, तो इसकी भी चिंता करेगी।
गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की और कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद स्थिति बदली है। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सराहना करते हुए कहा कि सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सात दिनों में 600 हेक्टेयर जमीन बीएसएफ को सौंप दी गई।
भाजपा बंगाल सरकार ने डिटेंशन सेंटर बनाए हैं। मगर हम सब लोग चाहते हैं कि जो घुसपैठ करके अवैध तरीके से आए हैं, वो अपने आप जहां से आए हैं वहां वापिस चले जाएं। अगर वो अपने आप चले जाते हैं, तो बंगाल सरकार भी उन पर कोई केस नहीं करेगी। जाने के लिए उनकी सहायता भी करेगी।





