insamachar

आज की ताजा खबर

Union Minister Shobha Karandlaje addressed the plenary session of the 114th International Labour Conference held in Geneva.
भारत

केन्‍द्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने जिनेवा में आयोजित 114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित किया

केन्‍द्रीय श्रम एवं रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित 114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।

114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने सम्मेलन के आयोजन पर अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन को बधाई दी और तेजी से हो रहे वैश्विक परिवर्तनों के बीच सामाजिक न्याय और सम्मानजनक कार्य को बढ़ावा देने में इसके नेतृत्व की सराहना की।

शोभा करंदलाजे ने कहा कि भारत ने “अंत्योदय” के सिद्धांत के अनुरूप व्यापक श्रम सुधार किए हैं। इसके तहत 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेकित किया गया है ताकि अनुपालन को सरल बनाया जा सके, श्रमिकों के कल्याण को मजबूत किया जा सके और एक आधुनिक तथा पारदर्शी श्रम परितंत्र का निर्माण किया जा सके।

उन्होंने कहा कि युवाओं की रोजगार क्षमता 2014 में 34 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 56 प्रतिशत से अधिक हो गई है। 2017 और 2025 के बीच, बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.1 प्रतिशत हो गई और महिलाओं की कार्यबल भागीदारी 22 प्रतिशत से बढ़कर 38.8 प्रतिशत हो गई।

केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल और ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से श्रम और रोजगार क्षेत्र में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के विकास में भारत की प्रगति का उल्‍लेख किया। कौशल और व्यवसायों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व तथा व्यवसायों के अंतरराष्ट्रीय संदर्भ वर्गीकरण को विकसित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन (आईएलओ) के साथ भारत द्वारा किए जा रहे व्यवहार्यता अध्ययन पर भी प्रकाश डाला गया।

उन्होंने भारत के सामाजिक सुरक्षा दायरे में हुए महत्वपूर्ण विस्तारों का भी उल्‍लेख किया। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार यह दायरा लगभग 1001 मिलियन तक पहुंच गया है। भारत में महिला श्रम बल की बढ़ती भागीदारी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

इस दौरान शोभा करांदलाजे ने रवांडा की लोक सेवा एवं श्रम मंत्री क्रिस्टीन नकुलिकियिंका के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की।

सम्‍मेलन में चर्चा का मुख्य विषय रोजगार सेवाओं, कौशल विकास, कार्यबल नियोजन और डिजिटल शासन में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना था। भारत ने राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल और ई-श्रम पोर्टल की सफलता को विस्तार से बताते हुए इन्हें एक व्यापक डिजिटल सार्वजनिक संसाधन बताया और रोजगार सेवाओं, श्रमिक पंजीकरण, नौकरियों और कौशल मिलान के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने हेतु तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा। रवांडा ने भारत के प्रभावशाली डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की सराहना करते हुए कौशल विकास और श्रम के असंगठित क्षेत्र से संगठित क्षेत्र की ओर बढ़ने में सहयोग मांगा।

उन्होंने श्रीलंका के श्रम मंत्री अनिल जयंत फर्नांडो के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। श्रीलंका ने भारत के श्रम सुधारों में गहरी रुचि दिखाई और चार नए श्रम कानूनों के सफल कार्यान्वयन पर जानकारी ली। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अपने अनुभव साझा करते हुए सुधार की रूपरेखा, कार्यान्वयन पद्धतियों और व्यापक हितधारक परामर्शों पर प्रकाश डाला, जिन्होंने इस परिवर्तनकारी यात्रा को संभव बनाया।

चर्चाओं में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में सहयोग पर भी जोर दिया गया, जिसमें भारत ने कौशल विकास, रोजगार सेवाओं और कार्यबल विकास को मजबूत करने के लिए ई-श्रम और राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल जैसी पहलों के माध्यम से सहायता देने की पेशकश की।

केंद्रीय मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के महानिदेशक श्री गिल्बर्ट एफ. होंगबो के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। बैठक के दौरान, उन्होंने सम्मानजनक कार्य, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की। उन्होंने महानिदेशक को भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार के बारे में जानकारी दी। वर्ष 2015 में यह कवरेज 19 प्रतिशत था, जो 2025 में बढ़कर 64.3 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके परिणामस्वरूप देशभर में अब 940 मिलियन लोग सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत आ गए हैं।

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के महानिदेशक ने कम समय में भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज में हुई उल्लेखनीय वृद्धि की सराहना की। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक वर्ष में इस कवरेज का और विस्तार हुआ है, जिससे जनसंख्या का एक और भी बड़ा हिस्सा सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ गया है।

भारत के चार श्रम संहिताओं के माध्यम से किए गए ऐतिहासिक श्रम सुधारों, सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार, श्रम और रोजगार क्षेत्र में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के विकास, भविष्योन्मुखी कौशल विकास पहलों और अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता पर ध्यान केंद्रित किया गया।

राज्य मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय व्यावसायिक वर्गीकरण के विकास पर व्यवहार्यता अध्ययन के लिए समर्थन सहित भारत के साथ अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के तकनीकी सहयोग की सराहना की। समावेशी, सुदृढ़ और भविष्य के लिए तैयार श्रम बाजारों के निर्माण के लिए आईएलओ के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया गया।

‘भारत के नए श्रम कानूनों पर वैश्विक संवाद’ विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने चार श्रम कानूनों के माध्यम से भारत के व्यापक श्रम सुधारों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि ये सुधार न्यूनतम मजदूरी संरक्षण को मजबूत करते हैं, असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करते हैं, व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को सुदृढ़ करते हैं, लैंगिक समानता को बढ़ावा देते हैं और सामूहिक सौदेबाजी को मजबूत करते हैं। उन्होंने कौशल विकास को वैश्विक रोजगार अवसरों से जोड़ते हुए सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी प्रवासन मार्गों को सुनिश्चित करने के लिए समन्वित सरकारी दृष्टिकोण के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय श्रम गतिशीलता पर भारत की प्राथमिकता को भी स्पष्ट किया।

शोभा करंदलाजे ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामाजिक संवाद के माध्यम से सम्मानजनक काम को बढ़ावा देने, श्रमिक संरक्षण को मजबूत करने, वैश्विक रोजगार क्षमता को बढ़ाने और न्यायसंगत, समावेशी तथा भविष्य के लिए तैयार श्रम बाजार प्रणालियों के निर्माण के लिए अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन और सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

LEAVE A RESPONSE

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *