52वां जी-7 शिखर सम्मेलन आज से फ्रांस के एवियान शहर में शुरू हो रहा है। तीन दिन के इस सम्मेलन में जी-7 के सदस्य देश- फ्रांस, अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, इटली और जापान भाग लेंगे। यूरोपीय संघ और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष भी सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा फ्रांस ने भारत, ब्राजील, मिस्र, केन्या, दक्षिण कोरिया, कतर, सउदी अरब, सीरिया, यूक्रेन और संयुक्त अरब अमीरात को संपर्क साझेदार देशों के रूप में आमंत्रित किया है। भारत 13वीं बार इस सम्मेलन में साझेदार देश के रूप में शामिल होगा।
शिखर सम्मेलन में आज से शुरू हो रहे सत्रों के दौरान इस सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले नेता भू-राजनीतिक चुनौतियों, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, संतुलित आर्थिक विकास और प्रमुख वैश्विक संकटों पर गहन विचार विमर्श करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल आयोजित होने वाले आउटरीच सत्रों में हिस्सा लेंगे। इस शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा में योगदान देने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और उनकी चिंताओं को प्रमुखता से रेखांकित करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करेंगी।





