केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री ने मध्य प्रदेश में PMAY-U 2.0 के तहत 42,000 से अधिक आवास स्वीकृत किए; 38,000 परिवारों ने गृह प्रवेश किया
मध्य प्रदेश में ‘सभी के लिए आवास’ पहल को बड़ी मजबूती देते हुए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने 20 जून 2026 को इंदौर जिले के सांवेर में आयोजित एक ऐतिहासिक कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम से आवास स्वीकृति और गृह प्रवेश के माध्यम से 80,000 से अधिक परिवार लाभान्वित हुए। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्य मंत्री (नगरीय प्रशासन एवं विकास) प्रतिमा बागरी तथा राज्य सरकार के अन्य मंत्री भी मौजूद रहे।.
पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 42,000 से अधिक पात्र लाभार्थियों को आवास मंजूरी पत्र वितरित किए गए, जिनके लिए सरकार द्वारा 1,050 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में 38,000 परिवारों ने अपने नव-निर्मित पक्के मकानों में गृह प्रवेश किया।
सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने आवास स्वीकृति प्राप्त करने वाले तथा नए घरों में प्रवेश करने वाले सभी लाभार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नया घर परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और उम्मीद का प्रतीक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘सभी के लिए आवास’ के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। पीएमएवाई-यूऔर पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत राज्य में अब तक 10.39 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 9.08 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। यह शहरी गरीबों को सुरक्षित, किफायती और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह कार्यक्रम 80,000 से अधिक अतिरिक्त परिवारों को पक्के मकान के रूप में स्थायी संपत्ति उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। सुरक्षित और संरक्षित आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ पीएमएवाई-यू योजना लाभार्थियों को बुनियादी सेवाओं और आजीविका के बेहतर अवसरों तक पहुंच भी सुनिश्चित करती है। इसके अलावा, यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देती है, क्योंकि इसके तहत घर का स्वामित्व परिवार की महिला सदस्य के नाम या संयुक्त स्वामित्व में होना अनिवार्य है।
पीएमएवाई-यू ने शहरी गरीबों और अन्य पात्र लाभार्थियों के जीवन स्तर में सुधार लाने में बेहतरीन भूमिका निभाई है। पीएमएवाई-यू 2.0 के माध्यम से सरकार किफायती आवास के दायरे का विस्तार करने और यह सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रखे हुए है कि कोई भी पात्र शहरी परिवार इससे वंचित न रहे। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), निम्न आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के अतिरिक्त 1 करोड़ परिवारों को शहरी क्षेत्रों में पक्का मकान बनाने, खरीदने या किराये पर लेने के लिए 2.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।





