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PM Modi launched Viksit Udan the next phase of the UDAN scheme
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प्रधानमंत्री मोदी ने उड़ान योजना के अगले चरण ‘विकसित उड़ान’ का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अगले चरण ‘विकसित उड़ान’ का शुभारंभ किया तथा जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन (एनटीबी) का उद्घाटन किया। जिसमें क्षेत्रीय हवाई संपर्क के विस्तार और विश्व स्तरीय विमानन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।

यह कार्यक्रम राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसानराव बागड़े, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री मुरलीधर मोहोल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

अक्टूबर 2016 में प्रारंभ की गई उड़ान योजना ने 669 मार्गों का परिचालन शुरू कर तथा 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्टों और जल एयरोड्रोमों को जोड़कर क्षेत्रीय हवाई संपर्क में उल्लेखनीय परिवर्तन किया है, जिससे 1.66 करोड़ से अधिक यात्रियों को लाभ मिला है। इस उल्लेखनीय सफलता को आगे बढ़ाते हुए माननीय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 मार्च, 2026 को संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी प्रदान की। इस योजना के लिए अगले दस वर्षों की अवधि में लगभग 29,000 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है, ताकि नागरिक उड्डयन आधारित विकास को गति प्रदान की जा सके और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रभावी प्रगति सुनिश्चित की जा सके।

संशोधित उड़ान योजना 12,159 करोड़ रुपये के निवेश के साथ मौजूदा अनर्वोद्ध हवाई जहाजों से 100 एयरोड्रोम के विकास के माध्यम से क्षेत्रीय विमानन बुनियादी ढांचे के विस्तार पर केंद्रित है। यह क्षेत्रीय हवाई अड्डों के लिए संचालन और रखरखाव सहायता, 3,661 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 200 आधुनिक हेलीपैड के विकास और क्षेत्रीय एयरलाइन संचालन को बनाए रखने के लिए 10,043 करोड़ रुपये की निरंतर व्यवहार्यता अंतर निधि प्रदान करता है। आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करते हुए, यह योजना कम सेवा वाले और दूरदराज के क्षेत्रों में संचालन के लिए एचएएल ध्रुव और डोर्नियर प्लेटफार्मों सहित स्वदेशी विमानों और हेलीकॉप्टरों को शामिल करने को बढ़ावा देती है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापू ने इस अवसर पर कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में लगभग 29,000 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक परिव्यय के साथ संशोधित उड़ान योजना का शुभारंभ भारत की विमानन यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है। 2016 के बाद से, उड़ान ने प्रधानमंत्री के ‘हवाई चपल से हवाई जहाज’ के दृष्टिकोण को एक राष्ट्रीय आंदोलन में बदल दिया है, जो हर भारतीय के लिए हवाई यात्रा को किफायती, सुलभ और आकांक्षात्मक बना रहा है। आज, उड़ान केवल एक कनेक्टिविटी योजना नहीं है – यह भारत की आकांक्षाओं का उत्सव है, जो किसानों, छात्रों, उद्यमियों, कारीगरों और व्यवसायों को विकास के लिए नए अवसरों के साथ सशक्त बनाता है। टियर-2 और टियर-3 शहरों से लेकर दूरदराज के क्षेत्रों तक, विमानन आर्थिक विकास, पर्यटन, रोजगार और सामाजिक समावेश का एक शक्तिशाली इंजन बन गया है। जैसे-जैसे हम विकित भारत 2047 की ओर बढ़ते हैं, उड़ान का अगला चरण अंतिम मील कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि ‘सबकी उड़ान, सबका विकास’ का दृष्टिकोण देश के हर कोने में एक वास्तविकता बन जाए।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा 480 करोड़ रुपये की लागत से विकसित जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया। यह महत्त्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजना राजस्थान के प्रसिद्ध “ब्लू सिटी” तथा थार मरुस्थल के प्रवेश द्वार के रूप में विख्यात जोधपुर की हवाई संपर्क सुविधा को और सुदृढ़ करेगी। साथ ही, यह क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार एवं आर्थिक गतिविधियों की बढ़ती संभावनाओं को भी नई गति प्रदान करेगी।

23,342 वर्ग मीटर में फैला यह नया टर्मिनल भवन व्यस्ततम समय में 1,500 यात्रियों तथा प्रतिवर्ष 20 लाख यात्रियों की आवाजाही को संभालने की क्षमता रखता है। इसमें 20 चेक-इन काउंटर, अत्याधुनिक सुरक्षा जांच प्रणाली, आधुनिक सामान प्रबंधन सुविधाएं तथा छह एयरोब्रिज उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे यात्रियों को सहज एवं सुगम यात्रा अनुभव प्राप्त होगा। नव विकसित एप्रन पर 11 ए-321 विमानों तथा एक एटीआर-72 को समायोजित कर सकता है, वहीं, शहर की ओर विकसित अवसंरचना में लगभग 320 कारों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापू ने कहा, “मैं जोधपुर तथा पूरे पश्चिमी राजस्थान क्षेत्र के नागरिकों को इस भव्य नए टर्मिनल भवन के लिए हार्दिक बधाई देता हूं। यह टर्मिनल मारवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विरासत का सुंदर प्रतिबिंब प्रस्तुत करता है। इसकी शाही राजस्थानी शैली की बाहरी संरचना से लेकर क्षेत्र की जीवंत परंपराओं से प्रेरित आंतरिक सज्जा तक, यह टर्मिनल प्रत्येक यात्री, विशेषकर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को राजस्थान की आत्मीयता और ‘पधारो म्हारे देश’ की भावना का प्रथम अनुभव कराएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में हम ऐसे हवाई अड्डों का निर्माण कर रहे हैं, जो विश्वस्तरीय अवसंरचना को भारत की सांस्कृतिक पहचान के साथ सहज रूप से जोड़ते हैं। प्रत्येक नया टर्मिनल और प्रत्येक नया हवाई मार्ग हमें ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक कदम और आगे ले जाता है।”

मौजूदा टर्मिनल, लगभग 4 लाख यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाला, निरंतर यातायात वृद्धि के कारण अधिकतम क्षमता तक पहुंच गया था। नई सुविधा भविष्य की मांग को संबोधित करती है, जबकि ऊर्जा-कुशल प्रणालियों, जल संरक्षण उपायों और 5-स्टार गृह रेटिंग प्राप्त करने के उद्देश्य से हरित भवन प्रथाओं जैसी स्थायी विशेषताओं को शामिल करती है। राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित होकर, टर्मिनल समकालीन डिजाइन के साथ मेहराब और झरोख जैसे पारंपरिक तत्वों को मिलाता है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने टिप्पणी की, “मैं जोधपुर हवाई अड्डे पर शानदार नए टर्मिनल के उद्घाटन पर राजस्थान के लोगों को बधाई देता हूं। टर्मिनल खूबसूरती से मारवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है और आगंतुकों को राजस्थान की विरासत की एक यादगार पहली झलक पेश करेगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री द्वारा एक और दशक के लिए उड़ान का ऐतिहासिक विस्तार भी जोधपुर से हुआ। संशोधित उड़ान योजना भारत की विकास गाथा में हर क्षेत्र को एकीकृत करके देश में विमानन को और लोकतांत्रिक बनाएगी।”

संशोधित उड़ान योजना का शुभारंभ तथा जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन—दोनों मिलकर भारत की नागरिक उड्डयन यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। ये पहलें सरकार के उस दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती हैं, जिसका उद्देश्य एक एकीकृत, सुलभ एवं भविष्य-उन्मुख नागरिक उड्डयन पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।यह पारिस्थितिकी तंत्र क्षेत्रीय हवाई संपर्क को सुदृढ़ करने, हवाई अड्डा अवसंरचना को मजबूत बनाने, पर्यटन एवं व्यापार को प्रोत्साहन देने तथा देशभर में समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास को गति प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।

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