भारत और इंडोनेशिया ने आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की है। दोनों देशो ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार आतंकवाद से निपटने के लिए निर्णायक और समन्वित प्रयासों का आह्वान किया है। जकार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोयो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में, दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अंतर्गत नामित आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया।
दोनों नेताओं ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की रोकथाम और इसका मुकाबला करने में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की। इसमें आतंकवाद के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन शोधन विरोधी और आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने वाले मानकों के कार्यान्वयन को मजबूत करने, आतंकवादी समूहों द्वारा उभरती प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग को रोकने और डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से नफरत फैलाने से निपटने के उपाय शामिल हैं। उन्होंने आतंकवाद विरोधी सहयोग पर समझौता ज्ञापन के शीघ्र संपन्न होने का भी स्वागत किया। इस पर जल्द ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। दोनों देशों ने आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराधों की रोकथाम, साइबर सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों, रक्षा उद्योग, समुद्री सुरक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में दोनों नेताओं ने विकसित भारत 2047 विजन और सहयोग बढाने के लिए फिर से भारत इंडोनेशिया सुरक्षा संवाद का स्वागत किया। इंडोनेशिया के इंडोनेशिया एमास 2045 एजेंडा के बीच समानताओं का भी उल्लेख किया।





