रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा – आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की भारत की नीति सिर्फ़ एक बयान नहीं है, बल्कि दृढ़ कार्रवाई का सूचक भी है
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने वकी भारत की नीति केवल एक बयान मात्र नहीं है बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ कार्रवाई का सूचक भी है। नई दिल्ली में आज फोर्सेस फर्स्ट कॉन्क्लेव में राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ना केवल अपनी सीमाओं पर ही आतंकवादियों पर हमला करेगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर उनके ठिकानों में घुसकर भी उन्हें मारेगा।
आतंकवाद के खिलाफ भी हमारी गवर्नमेंट ने पूरी दुनिया के सामने अपने बदले हुए नजरिए को स्पष्ट किया आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस हमारे लिए केवल एक स्टेटमेंट नहीं है। बल्कि लाइन ऑफ एक्शन आतंकवाद के खिलाफ हम दरवाजे पर बल्कि घर में घुसकर मारेंगे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सारी दुनिया ने यह देख लिया हमारी सेनाओं का पराक्रम तो हमेशा ही अद्भुत रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर तकनीकी युद्ध का एक उल्लेखनीय उदाहरण है।
ऑपरेशन सिंदूर अपने-आप में टेक्नोलॉजिकल वॉरफेयर का एक शानदार नमूना था। इस ऑपरेशन में आकाश तीर, आकाश मिसाइल सिस्टम और ब्रह्मोस जैसी एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम के साथ-साथ अनेक लेटेस्ट इक्विपमेंट का भी उपयोग किया गया इतने साबित किया है कि हमारी सेनाएं बदलाव को समझ भी रही है और उसे आत्मविश्वास के साथ उसका उपयोग भी कर रही है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता भारत के उद्योगों पर विश्वास का प्रमाण है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले बारह वर्षों में नरेन्द्र मोदी सरकार ने भारत के रक्षा तंत्र को मजबूत करने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश की रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भरता को कम करने का भी संकल्प लिया है।
नई डिफेंस इक्वेशन प्रोसीजर के माध्यम से बाई इंडियन आईडीएम जैसी व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई। सेनाओं के आधुनिकरण के लिए निर्धारित बजट का 75 प्रतिशत भाग भारतीय उद्योगों से खरीद के लिए सुरक्षित किया गया। इस साल हम नया स्टेशन एडमिशन प्रोसीजर लेकर आ रहे हैं जिसके कारण देश में डिफरेंट प्रोडक्शन को एक नई रफ्तार मिलेगी और एक नई ताकत भी मिलेगी।





