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PM Modi hoisted the national flag from the ramparts of the Red Fort
भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया; कहा- 2047 तक विकसित भारत बनकर रहेगा

देश आज 80वां स्‍वाधीनता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज ऐतिहासिक लाल किले के प्राचीर से राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराया। राष्‍ट्र को स्‍वीधनता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर दिलों की धड़कन वंदे मातरम के गायन से गूंज रही है। हर घर तिरंगा है, मन तिरंगा है और देश उत्‍साह तथा उमंग के साथ नए संकल्‍प को लेकर आगे बढ़ रहा है। लाल किले पर आज पहली बार पूरे राष्‍ट्रगीत वंदेमातरम का गायन हुआ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश आज उन महान सपूतों का स्‍मरण कर रहा है जिन्‍होंने अपने त्‍याग और बलिदान से देश को स्‍वतंत्र कराया।

प्रधानमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उनके दुख-दर्द को भली भांति समझती हैं। प्रधानमंत्री ने आश्‍वासन दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोई भी राष्‍ट्र तब महान बनता है, जब वह अपने सपनों, अपने संकल्‍पों और सामर्थ्‍य के दम पर आगे बढ़ता है। देश अब छोटे सपनों से नहीं बल्कि बड़े सपनों से चलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत एक बहुत बड़े सपने के साथ आगे बढ़ रहा है। जब 2047 में स्‍वतंत्रता के सौ साल पूरे होंगे, हम विकसित भारत बना कर रहेंगे। उन्‍होंने कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों के पुरूषार्थ से ही संभव है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्ष में देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने एक संकल्‍प और समर्पण के साथ देश को ऊँचाईयों पर ले जाने का प्रयास किया। इसलिए देश के 25 करोड़ नागरिक गरीबी के जाल से बाहर निकले हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 साल में देश ने नई रफ्तार पकड़ी है और नई गति से आगे बढ़ा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है। इलेक्‍ट्रॉनिक से लेकर मोबाइल विनिर्माण तक हर क्षेत्र में कई गुणा उत्‍पादन बढ़ा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने हजारों की संख्‍या में अनुपालन खत्‍म किए। सैंकड़ों पुराने कानून खत्‍म किए। उन्‍होंने कहा कि पिछले एक दशक में बुनियादी ढांचागत विकास को नई ताकत दी गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने हजारों की संख्‍या में अनुपालन खत्‍म किए। सैंकड़ों पुराने कानून खत्‍म किए। उन्‍होंने कहा कि पिछले एक दशक में बुनियादी ढांचागत विकास को नई ताकत दी गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आगे बढ़ने के लिए आत्‍मविश्‍वास, आत्‍मगौरव और आत्‍मनिर्भर होना जरूरी है। भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रह कर नहीं जीना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद देश में सेमीकंडक्‍टर को लेकर कोई बड़ी योजना नहीं थी। उन्‍होंने कहा कि आज की डिजिटल दुनिया में हम चिप का महत्‍व समझते हैं। हर किसी में चिप अनिवार्य है। इसलिए भारत ने आत्‍मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए तीन सेमीकंडक्‍टर संयंत्र शुरू किए हैं। उन्‍होंने कहा कि आने वाले वर्षों में और सेमीकंडक्‍टर संयंत्र शुरू किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आत्‍मनिर्भर भारत हमें विकसित भारत की दिशा में जाने का मार्ग दिखा रहा है। देश क्रीटिकल मिनरल के लिए पूरे प्रयास कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि भातर टेक्‍नोलॉजी की दिशा में भी प्रगति कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्‍मनिर्भर बनने में संसाधनों की कमी बाधा नहीं होती, बल्कि सोच की सीमाएं होती हैं। उन्‍होंने कहा कि आज देश को कच्‍चे तेल पर निर्भर होना पड़ रहा है। उन्‍होंने कहा कि देश में 99 प्रतिशत समुद्र तट को नौ गो एरिया घोषित करके रखा गया था और समुद्र के भीतर तेल की खोज करने की अनुमति नहीं थी। उन्‍होंने कहा कि हमने इन क्षेत्रों में तेल गैस भंडार खोजने के लिए समुद्र मंथन की घोषणा की और इसके लिए 85 हजार करोड़ रूपए आवंटित किए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आत्‍मनिर्भर भारत हमें विकसित भारत की दिशा में जाने का मार्ग दिखा रहा है। देश क्रीटिकल मिनरल के लिए पूरे प्रयास कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि भारत टेक्‍नोलॉजी की दिशा में भी प्रगति कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में हाइट्रोजन से चलने वाली पहली रेलगाड़ी शुरू की गई है। उन्‍होंने कहा कि हमने दुनिया में हाइट्रोजन के क्षेत्र में भी अपना झंडा गाड़ दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम शांति अधिनियम से परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढे हैं। भारत ने 5 परमाणु संयंत्र शुरू करने का लक्ष्‍य रखा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में आए संकट का हर किसी पर प्रभाव पड़ा। उन्‍होंने कहा कि हमने किसानों पर यूरिया और डीएपी जैसे उवर्रकों में बढ़ी कीमतों का असर नहीं आने दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष समुद्र मंथन की घोषणा की गई, जिसके लिए 85 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 से पहले केवल 70 शहरों में पाइप से गैस की सुविधा थी। अब देश में पौने दो करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंच रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 के विकसित भारत का लक्ष्‍य हासिल करने के लिए हमें अपने कार्य संस्‍कृति, सोच और काम की गति को बदलना होगा। उन्‍होंने कहा कि यह लक्ष्‍य हासिल करने के लिए युवा शक्ति, माता-बहनों, किसानों और मजदूरों पर पूर्ण भरोसा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश सुधार यानि रिफार्म एक्‍सप्रेस पर आगे चल पड़ा है और अब नेक्‍स्‍ट लेवल यानि अगले स्‍तर के सुधार पर भी आगे बढ़ेगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना से देश में हजारों घरों का बिजली बिल शून्‍य हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 1925 में रेल का विद्युतीकरण शुरू हुआ और 90 वर्ष में केवल 30 प्रतिशत का ही विद्युतीकरण हो सका। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब केवल दस वर्ष में ही शत-प्रतिशत विद्युतीकरण कर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें कृषि और खाद्य संस्‍करण की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्‍होंने कहा कि मुक्‍त व्‍यापार समझौते की वजह से आज हमें बहुत बड़ा बाजार मिला है। हमें खेतों से लेकर निर्यात बाजार तक जाना होगा। उन्‍होंने कहा कि रसायन मुक्‍त खेती को बल देने से विश्‍व में भारतीय उत्‍पादों की मांग बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड जैसी वैश्विक महामारी से पूरी व्‍यवस्‍था चरमरा गई थी। लेकिन सभी के प्रयासों से देश को उस संकट से बाहर निकाला गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नागरिक देवो भव के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। अब देश के पास तेल भी है और यूरिया भी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सप्‍तधारा की छठीं शक्ति है- पर्यावरण अनुकूल अर्थव्‍यवस्‍था और नीली यानि समुद्री अर्थव्‍यवस्‍था। उन्‍होंने कहा कि हम नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण अनुकूल विनिर्माण और परिवहन पर जोर दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया का हर देश अब अपनी-अपनी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्‍होंने कहा कि दुनिया संसाधनों को वैपनाइजड करने में लगी है। ऐसे समय में भारत ने स्‍वदेशी के मंत्र से इन चुनौतियों का सामना किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के पास शक्ति है और सामर्थ्‍य है और इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि वैश्विक नेतृत्‍व हमारे हाथ में होनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि शीर्ष पांच बैंकों में भारत का बैंक होना चाहिए, शीर्ष पांच फार्मा कपंनियों में भारत की एक-दो कपंनियों का नाम गूंजना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत के सपनों को साकार करने के लिए पुराने नियमों के साथ नहीं बल्कि आने वाले सपनों के अनुसार नीतियां बनानी होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया अब भारत की शक्ति को पहचानने लगी है। इसलिए अनेक देशों ने मुक्‍त व्‍यापार समझौते किए हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत को अपने उत्‍कृष्‍ट स्‍थानीय उत्‍पाद दुनियाभर में पहुंचाने होंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें निश्चित दिशा में आगे बढ़ना है। भारत का सामर्थ्‍य ‘सप्‍त सिंधु’ से ही संभव होगा। उन्‍होंने शक्ति की सप्‍त धारा का आह्वान किया ताकि देश को नई ऊँचाई तक पहुंचाया जा सके। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसके लिए युवाओं का सहयोग जरूरी है। देश को अब डिजाइन से लेकर विनिर्माण तक पूरी मूल्‍य श्रृंखला पर ध्‍यान देना होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सप्‍त की तीसरी शक्ति टेक्‍नोलॉजी है। हमें मेड इंडिया 6जी सहित हर तरह की तकनीक में अग्रणी बनना होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सप्‍त धारा की पांचवी शक्ति है रक्षा चक्र। भारत को ग्‍लोबल आपूर्ति पर ध्‍यान देना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सातवीं धारा भारत की सॉफ्ट पॉवर है। उन्‍होंने कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य, फिल्‍में, वी.एफ.एक्‍स., गेमिंग जैसे क्षेत्रों को वैश्विक ताकते के रूप में विकसित करना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें अपनी सॉफ्ट पॉवर से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केन्‍द्र सरकार, राज्‍य सरकारों, उद्योगों को मिलकर आगे बढ़ना होगा। उन्‍होंने कहा कि सुधारों को आगे बढ़ाने से सबसे बड़ा लाभ युवाओं को होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युवा हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्‍होंने कहा कि युवा सपने देखें तो सरकार संसाधनों की कमी नहीं रहने देगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ए.आई. शिखर सम्‍मेलन के आयोजन से भारत ने विश्‍व को अपनी ताकत दिखाई। उन्‍होंने कहा कि देश की युवा-शक्ति, ए.आई. के क्षेत्र में भी प्रयास कर रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्‍यम वर्ग के परिवारों के लिए सरकार फ्री ऑनलाइन कोचिंग की व्‍यवस्था कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘जो खेले, वो खिले’ मंत्र के तहत भारत खेलों की दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। खेलो इंडिया से लेकर न्‍यूट्रिशन तक सरकार @2036 तक ओलिंपिक के आयोजन की दिशा में आगे बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से नशा मुक्‍त भारत का 100 सप्‍ताह के अभियान से जुड़ने की अपील की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नक्‍सलवाद ने चार दशक तक भारत की आबादी को दबोच कर रखा था। नक्‍सलवाद से निप्‍टने में साढ़े तीन हजार से ज्‍यादा जवानों को प्राणों आहूति देनी पड़ी। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने देश को नक्‍सलवाद से मुक्‍त किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हथियारी नक्‍सल तो गए लेकिन दिमागी नक्‍सल अब भी अपनी चाल चल रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि देश को ऐसे नक्‍सलियों को पहचानना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्‍ट्र के निर्माण में बहनों और बेटियों का योगदान सबसे अधिक महत्‍वपूर्ण है। बेटियां अब हर क्षेत्र में सबसे आगे दिख रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बेटियां अब चिप निर्माण कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया है। अब देश ने 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्‍य रखा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से महिलाओं के सामर्थ्‍य के पुजारी बनने का आह्वान किया। उन्‍होंने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने में सहयोग की अपील की।

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