प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बहादुर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से बात की। उन्होंने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में अपने सह-पायलट के हमले को नाकाम करते हुए 180 लोगों की जान बचाई थी। कैप्टन मच्छार ने प्रधानमंत्री को अपने अनुभव के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि उस घटना के दौरान उन्हें किस बात से साहस मिला। प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की सराहना की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूरा देश उनकी कुशलता लिए प्रार्थना कर रहा है। प्रधानमंत्री ने स्मित के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय वे नहीं हैं जो जान लेते हैं, बल्कि वे हैं जो दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार रहते हैं।
आप स्वयं जीवन और मृत्यु की लडाई लड रहे हैं। उस समय भी आपने अपनी जान की परवाह नहीं की, सभी यात्रियों की जीवन की परवाह की। सबसे बडी बात एक सौ चालीस करोड देशवासियों का आपने मान बढाया है। और इस लिए मैं हृदय से गर्व अनुभव करता हूं।
बातचीत के दौरान भावुक कैप्टन स्मित ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी उनके सबसे बड़े आदर्श हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री का फोन आने पर अपनी खुशी और गर्व का अनुभव किया।





