सूचना और प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने अपने पद और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में डॉ. मुरुगन ने कहा कि दिहाड़ी मजदूर के घर से केंद्रीय मंत्रिपरिषद में सेवा करने तक का सफर उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है। उन्होंने कहा कि अब वह जमीनी स्तर पर लौटना चाहते हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने के लिए समय देना चाहते हैं।
डॉ. मुरुगन ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में पिछले पांच वर्षों के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के धैर्य, करुणा और असाधारण समर्पण को करीब से देखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि पार्टी और प्रधानमंत्री के नेतृत्व से उन्हें जो कुछ भी मिला है, उससे उनकी जिम्मेदारी की भावना और मजबूत हुई है।
डॉ. मुरुगन ने कहा कि भारत, तमिलनाडु और भारतीय जनता पार्टी के प्रति प्रधानमंत्री मोदी का समर्पण उन्हें प्रेरित करता है कि अब वे उस कार्य के लिए अधिक समय दें, जिसने उन्हें सार्वजनिक जीवन में आने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री से राज्य मंत्री के रूप में उन्हें जिम्मेदारियों से मुक्त करने और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति देने का अनुरोध किया, जिससे वह राज्य में पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरा समय दे सकें।





