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पुरानी विश्व व्यवस्था वैश्‍विक चुनौतियों का सामना करने में सक्ष्‍म नहीं: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पुरानी विश्व व्यवस्था वैश्‍विक चुनौतियों का सामना करने में सक्ष्‍म नहीं है, ऐसे में एक नई विश्व व्यवस्था उभर रही है, जिसमें भारत प्रमुख भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने नई विश्‍व व्‍यवस्‍था में मानव जाति के सामुहिक कल्‍याण का आह्वान किया। दिल्‍ली में कल आयोजित एक निजी टी.वी. चैनल के कार्यक्रम – अ वर्ल्‍ड बिटवीन आर्डर्स में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तकनीक के आविष्‍कार से नई शक्तियां उभरी हैं तथा विश्‍व को शक्तिशाली बनाने के लिए भारत अपनी क्षमताओं को और मजबूत बना रहा है।

प्रधानमंत्री ने बहुपक्षीय संगठनों में सुधारों की आवश्‍यकताओं पर बल देते हुए कहा कि ग्‍लोबल साउथ यानी अल्‍पविकसति और विकासशील देशों को वैश्विक व्‍यवस्‍था में उचित स्‍थान मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग संकट के समय भी प्रभावी होना चाहिए।

यदि सदी बदल जाए और हम न बदले तो बदलाव लाने की हमारी क्षमता भी कमजोर पड जाती है। साथियों आज यह सवाल तो है ही कि वर्ल्‍ड ऑर्डर बदल रहा है। लेकिन सवाल यह भी है यह दुनिया का पुराना क्रम बदल रहा है तो हम मिलकर ऐसी नई विश्‍व अर्थव्‍यवस्‍था बनाना चाहते हैं। मल्‍टी लेटेरल इंस्टीट्यूशन में रिफॉर्म जरूरी है। ग्‍लोबल साउथ की आवाज को उच्‍च स्‍थान देना जरूरी है। इंटरलेशनल कॉर्पोरेशन सिर्फ गुड टाइम के लिए न हो संकट के समय भी वो प्रभावी हो। यह सभी स्‍टेट होल्डर में प्रभावी सहमति होना जरूरी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने सत्‍ता से सशक्तिकरण के दृष्किोण को आगे रखते हुए कहा कि विकसित भारत केवल भारत की अपनी प्रगति के बारे में नहीं बल्कि बेहतर विश्‍व की गारंटी है।

भारत जितना मजबूत होगा। मानवता को उतना ही अधिक फायदा होगा। क्‍योंकि भारत की नीतियों को, निर्णयों को, युगों के अनुभव और सभ्‍यता के मूल्‍य प्रेरित करते हैं। भारत क्षणों के हिसाब से फैसले नहीं लेता। इसलिए भारत स्थिरता की गारंटी है और विकसित भारत का हमारा संकल्‍प भी इसी भावना को बढावा देता है। विकसित भारत सिर्फ हमारे लिए नहीं है। एक बेहतर विश्‍व की भी गारंटी है।

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