थोक मूल्य सूचकांक-डब्ल्यूपीआई आधारित मुद्रास्फीति इस वर्ष मार्च में घटकर दो दशमवल शून्य पांच प्रतिशत पर आ गई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने आज जारी आंकड़ों में बताया कि इस वर्ष फरवरी में मुद्रास्फीति दो दशमलव तीन आठ प्रतिशत थी।
डब्ल्यूपीआई में प्राथमिक वस्तुओं की वार्षिक मुद्रास्फीति दर मार्च में घटकर शून्य दशमलव सात छह प्रतिशत रह गई जो फरवरी में दो दशमलव आठ एक प्रतिशत थी। आंकड़ों के अनुसार, डब्ल्यूपीआई खाद्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति की वार्षिक दर पिछले महीने पांच दशमलव नौ चार प्रतिशत से घटकर चार दशमलव छह छह प्रतिशत रह गई।
इस बीच, ईंधन और बिजली श्रेणी फरवरी में शून्य दशमवल सात एक प्रतिशत की अपस्फीति के मुकाबले शून्य दशमलव दो प्रतिशत के साथ सकारात्मक क्षेत्र में लौट आई। विनिर्मित उत्पाद श्रेणी में मुद्रास्फीति मार्च में दो दशमलव आठ छह प्रतिशत से बढ़कर तीन दशमलव शून्य सात प्रतिशत हो गई। मंत्रालय ने बताया कि मार्च में मुद्रास्फीति की सकारात्मक दर मुख्य रूप से खाद्य उत्पाद, अन्य विनिर्माण, खाद्य वस्तुओं, बिजली और वस्त्र निर्माण की कीमतों में वृद्धि के कारण आई है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में स्टार्टअप…
राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली के संविधान सदन में राष्ट्रमंडल…
केंद्र सरकार ने पंद्रहवें वित्त आयोग (एकसवी-एफसी) के अनुदानों के तहत मिजोरम के ग्रामीण स्थानीय…
नागर विमानन महानिदेशालय ने आज सूचित किया कि पिछले वर्ष 3 से 5 दिसंबर के…
भारतीय रिज़र्व बैंक ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन (वस्तु एवं सेवाओं का निर्यात और आयात) विनियम,…
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव -…