अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) ने अपने इनक्यूबेशन सेंटर आईसीएआईएनई के माध्यम से नवाचार और उद्यमिता के एक प्रमुख केन्द्र के रूप में अपनी बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूत करते हुए एमएसएमई आइडिया हैकाथन 5.0 में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तहत आयुर्वेद क्षेत्र को समर्पित एकमात्र प्रमुख मेजबान संस्थान के रूप में एआईआईए ने एक बार फिर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रभावशाली नवाचारों की पहचान, पोषण और विस्तार करने की अपनी क्षमता प्रदर्शित की है।
एआईआईए के निदेशक पी.के. प्रजापति ने कहा, “एमएसएमई आइडिया हैकाथॉन 5.0 में यह उपलब्धि आयुर्वेद इकोसिस्टम में नवाचार को बढ़ावा देने के प्रति एआईआईए की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आईसीएआईएनई के माध्यम से हम न केवल नए विचारों का समर्थन कर रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रभावशाली और विस्तार योग्य समाधानों में परिवर्तित करने के लिए एक मजबूत मंच भी तैयार कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय विकास और वैश्विक स्वास्थ्य उन्नति में योगदान दें।” उन्होंने कहा कि ‘एमआईटीई ओयूटी’ के चयन से पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक नवाचार को जोड़ने की हमारी कल्पना और मजबूत होती है, जिससे वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान किया जा सके।
एमएसएमई आइडिया हैकाथन 5.0, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की एक पहल है, छात्रों, नवोन्मेषकों और प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स के बीच नवाचार, उद्यमिता और समस्या-समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रमुख राष्ट्रीय मंच के रूप में कार्य करता है। यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को सामाजिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उच्च-क्षमता वाले विचार प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करता है। चयनित नवाचारों को 15 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता के साथ-साथ देशभर के मान्यता प्राप्त होस्ट संस्थानों के माध्यम से संरचित मेंटरशिप और इनक्यूबेशन सहायता भी प्रदान की जाती है।
इस हैकाथॉन की शुरुआत से ही नामित मेजबान संस्थानों में से एक के रूप में, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने विशेष रूप से आयुर्वेद के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने इनक्यूबेशन इकोसिस्टम—आईसीएआईएनई—के माध्यम से, संस्थान तकनीकी मार्गदर्शन, वैलिडेशन, अवसंरचना तक पहुंच और रणनीतिक सहयोग सहित समग्र सहायता प्रदान करता है, जिससे नवाचारपूर्ण विचारों को विस्तार योग्य और टिकाऊ उद्यमों में परिवर्तित किया जा सके।
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान–आईसीएआईएनई के प्रभारी शिवकुमार हर्थी ने कहा, “आईसीएआईएनई में हमारा ध्यान ऐसे विचारों को प्रोत्साहित करने पर है, जिनमें सार्थक प्रभाव उत्पन्न करने की क्षमता हो। ‘एमआईटीई ओयूटी’ का चयन हमारे इनक्यूबेशन इकोसिस्टम की मजबूती और नवोन्मेषकों को उनके हर चरण में समर्थन देने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारा उद्देश्य स्टार्टअप्स को उचित मेंटरशिप, अवसंरचना और रणनीतिक दिशा प्रदान कर नवाचारी अवधारणाओं को सफल उद्यमों में बदलने में सक्षम बनाना है।”
एमएसएमई आइडिया हैकाथन 5.0 के अंतर्गत “एमआईटीई ओयूटी: अ डूअल-एक्शन नॉन इनवेसिव डिवाइस फॉर सेफ एक्सट्रेक्शन ऑफ मियासिस लारवा इन लाइवस्टॉक” (संदर्भ संख्या: आईडीईएडीएल033172) शीर्षक वाली अभिनव स्टार्टअप अवधारणा, जिसे अनीसा मन्ना और उनकी टीम ने विकसित किया है, का चयन नई दिल्ली स्थित एआईआईए को मेजबान संस्थान के रूप में करते हुए सफलतापूर्वक किया गया है।
यह उपलब्धि न केवल नवोन्मेषक की रचनात्मकता को दर्शाती है, बल्कि आईसीएआईएनई के माध्यम से एआईआईए द्वारा विकसित मजबूत इनक्यूबेशन ढांचे को भी उजागर करती है। उच्च-प्रभाव वाले विचारों को लगातार समर्थन देकर एआईआईए भारत के नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है और आर्थिक विकास, रोजगार सृजन तथा तकनीकी उन्नति में योगदान दे रहा है।
अपनी उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता के साथ, आईसीएआईएनई के माध्यम से एआईआईए विचारों को सशक्त बनाते हुए, स्टार्टअप्स को सक्षम करते हुए और भारत में स्वास्थ्य तथा संबंधित क्षेत्रों के भविष्य को आकार देकर नवाचार का एक प्रमुख केन्द्र बनकर उभर रहा है।
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