सर्वोच्च न्यायाल के न्यायाधीश और राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति भूषण गवई ने आज कमजोर वर्गो के सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में कानून की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 39ए कमजोर वर्गों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता के अधिकार की गारंटी देता है और वंचितो की न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करता है।
न्यायमूर्ति गवई ने आज चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में “हाशिए पर मौजूद लोगों को सशक्त बनाने और सामाजिक न्याय की ओर कदम” विषय पर आयोजित राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों के क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान यह बात कही।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में तीन समर्पित रासायनिक…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने कर्नाटक…
भारत और इज़राइल ने प्रस्तावित भारत-इज़राइल मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए वार्ता का दूसरा…
मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में आज मूसलाधार बारिश का रेड…
सर्वोच्च न्यायालय ने आज केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को नीट-यूजी पेपर लीक मामले…
भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में कथित दमन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया…