सर्वोच्च न्यायाल के न्यायाधीश और राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति भूषण गवई ने आज कमजोर वर्गो के सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में कानून की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 39ए कमजोर वर्गों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता के अधिकार की गारंटी देता है और वंचितो की न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करता है।
न्यायमूर्ति गवई ने आज चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में “हाशिए पर मौजूद लोगों को सशक्त बनाने और सामाजिक न्याय की ओर कदम” विषय पर आयोजित राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों के क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान यह बात कही।
गृह मंत्रालय ने जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए हैं।…
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है।…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग-एनएचआरसी ने महाराष्ट्र के नासिक जिले के अंबड औद्योगिक क्षेत्र के निकट दत्तानगर…
भारत और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालयों के संयुक्त कार्य समूह की आज उलानबातार में आयोजित…
भारत की क्वांटम प्रौद्योगिकी और सुरक्षित संचार क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण…
भारतीय प्रेस परिषद ने विरोध और धरना-प्रदर्शनों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए दिशा-निर्देश…