सर्वोच्च न्यायाल के न्यायाधीश और राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति भूषण गवई ने आज कमजोर वर्गो के सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में कानून की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 39ए कमजोर वर्गों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता के अधिकार की गारंटी देता है और वंचितो की न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करता है।
न्यायमूर्ति गवई ने आज चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में “हाशिए पर मौजूद लोगों को सशक्त बनाने और सामाजिक न्याय की ओर कदम” विषय पर आयोजित राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों के क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान यह बात कही।
गुजरात टाइटन्स ने कल रात सनराइजर्स हैदराबाद को 82 रन से हराकर अंक तालिका में…
राजस्थान के सीमावर्ती जिले भीषण लू की चपेट में हैं। कई स्थानों पर तापमान 45…
सीबीआई ने कथित नीट पेपर लीक मामले में शुभम खैरनार को हिरासत में ले लिया…
सरकार ने सोने और अन्य कीमती धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है, जो आज…
भारत में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन जल्दी हो सकता है। मौसम विभाग ने…
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर के घरेलू बीमा पूल…