असम सरकार ने मानव-हाथी संघर्षों से निपटने, स्वास्थ्य रक्षा सेवा नियमों में सुधार और विद्यार्थियों तथा श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं को स्वीकृति दी है। सरकार बढ़ते मानव-हाथी संघर्षों को कम करने के लिए आठ प्रमुख जिलों गोलपारा, उदलगुरी, नगांव, बक्सा, सोनितपुर, गोलाघाट, जोरहाट और बिश्वनाथ में गज मित्र योजना लागू करेगी।
अधिक संघर्ष वाले 80 गाँवों में समुदाय आधारित त्वरित प्रतिक्रिया दलों का गठन किया जाएगा। प्रत्येक दल में आठ स्थानीय सदस्य होंगे। ये दल ज्यादा संघर्ष के महीनों के दौरान, धान की खेती के साथ-साथ हाथियों के सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने और आजीविका की रक्षा के लिए काम करेंगे।
इस बीच, असम में शरण वैष्णव परंपरा से जुडे़ विशेष संस्थागत केन्द्र सत्रों को सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के सम्मान में एक हजार पांच सौ रुपये का मासिक वजीफा मिलेगा। एक नई मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार, निजी अस्पतालों को मृत्यु प्रमाणपत्र मिलने के दो घंटे के भीतर मृतक के शव सौंपने होंगे और देरी करने पर जुर्माना भी देना होगा। इसके अतिरिक्त 2026 की एचएसएलसी परीक्षा में बैठने वाले दसवीं कक्षा के छात्रों को प्रेरणा आसोनी योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण-डीबीटी के माध्यम से हर महीने 300 रुपये दिए जाएंगे।
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