चैत्र नवरात्रि का पावन उत्सव आज से शुरू हो गया है। नौ दिवसीय पर्व को लेकर देशभर में उत्साह और उमंग है। नवरात्रि के पहले दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
चैत्र नवरात्रि के में नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना को समर्पित होते हैं। पहले दिन घट स्थापना या कलश स्थापना के साथ भक्त मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं। इसके बाद देवी ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है।
इन दिनों में व्रत-उपवास, पूजा-पाठ और देवी भजनों के माध्यम से श्रद्धालु मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और शक्ति की कामना करते हैं। कई घरों और मंदिरों में अखंड ज्योति जलाई जाती है, वहीं अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। चैत्र नवरात्रि के साथ ही शुरू होता है हिंदू नववर्ष, इसे विक्रम संवत के रूप में जाना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। तो श्रोताओं आईए इस चैत्र नवरात्रि और नववर्ष पर हम भी नई ऊर्जा, नई आशा और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प लें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवरात्रि के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए समृद्धि, स्वास्थ्य और विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति के लिए प्रार्थना की है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें नवरात्रि के पावन पर्व के प्रारंभ में देवी शैलपुत्री की दिव्य कृपा का वर्णन किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर देवी को समर्पित एक भक्ति गीत साझा करते हुए कहा कि देवी की असीम कृपा से सभी नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित होगा और विकसित भारत के सामूहिक लक्ष्य को हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी।





