बांग्लादेश में सर्वोच्च न्यायालय ने राजद्रोह मामले में बांग्लादेश सम्मिलित सनातन जागरण जोत के प्रवक्ता और इस्कॉन के पूर्व पुजारी चिन्मय कृष्ण दास ब्रम्हचारी को जमानत देने के उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति मोहम्मद रियाजुल हक ने सरकार की अपील पर सुनवाई के लिये रविवार की तिथि तय की है। इससे पहले कल दोपहर उच्च न्यायालय ने राजद्रोह मामले में चिन्मय दास को जमानत मंजूर की थी। इस आदेश के तुरंत बाद सर्वोच्च न्यायालय की अपील पीठ में याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान चिन्मय दास के वकील अदालत में उपस्थित नहीं थे। चिन्मय दास को पिछले वर्ष 25 नवंबर को ढाका हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था।
शिशुओं के लिए पोषण संबंधी सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण…
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने विज्ञान आधारित खाद्य सुरक्षा विनियमन और उपभोक्ता…
पश्चिम एशिया क्षेत्र के मौजूदा हालात को देखते हुए, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस…
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत और चीन को राहत देते हुए रूस से…
गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर दो हत्याओं और एक व्यक्ति की आत्महत्या…
सर्वोच्च न्यायालय ने इंटरनेट से बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री का पता लगाने और…