बिहार स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल छात्रों को हिंदी माध्यम से एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश देने का निर्णय लिया है। यह सुविधा राज्य सरकार के दस और केंद्र सरकार द्वारा संचालित दो संस्थानों सहित बिहार के सभी 21 मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध होगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि यह पाठ्यक्रम इस साल से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा।
बिहार में एक बड़ा ऐतिहासिक निर्णय युवाओं के भविष्य को लेकर हुआ है और इससे जो बिहार के हमारे युवा हैं वो युवा जो हिन्दी भाषा बेहतर तरीके से बोलते और समझते हैं वो अब हिन्दी भाषा में भी चाहें तो पढाई करके डॉक्टर बन सकते हैं और यह इसी सत्र से ये प्रारम्भ हो रहा है।
मंगल पांडे ने कहा कि हिंदी माध्यम से मेडिकल पढ़ाई की सुविधा देने वाला बिहार मध्य प्रदेश के बाद देश का दूसरा राज्य बन जायेगा। छात्रों को हिंदी या अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई का विकल्प होगा।
सरकार के संचार मंत्रालय के तहत डाक विभाग (डीओपी) और स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ…
राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम (एनआरडीसी) ने 31 दिसंबर 2025 को सिस्टम इंजीनियरिंग फैसिलिटी (एसईएफ) के…
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की अनटाइड अनुदान की प्रथम किस्त के रूप में…
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 31 दिसंबर, 2025 को दिन में लगभग 10…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज महाराष्ट्र में…
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज बेंगलुरु स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के नेताजी सुभाष…