बिहार स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल छात्रों को हिंदी माध्यम से एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश देने का निर्णय लिया है। यह सुविधा राज्य सरकार के दस और केंद्र सरकार द्वारा संचालित दो संस्थानों सहित बिहार के सभी 21 मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध होगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि यह पाठ्यक्रम इस साल से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा।
बिहार में एक बड़ा ऐतिहासिक निर्णय युवाओं के भविष्य को लेकर हुआ है और इससे जो बिहार के हमारे युवा हैं वो युवा जो हिन्दी भाषा बेहतर तरीके से बोलते और समझते हैं वो अब हिन्दी भाषा में भी चाहें तो पढाई करके डॉक्टर बन सकते हैं और यह इसी सत्र से ये प्रारम्भ हो रहा है।
मंगल पांडे ने कहा कि हिंदी माध्यम से मेडिकल पढ़ाई की सुविधा देने वाला बिहार मध्य प्रदेश के बाद देश का दूसरा राज्य बन जायेगा। छात्रों को हिंदी या अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई का विकल्प होगा।
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