बिहार अब पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो गया है। राज्य के अंतिम हथियारबंद माओवादी सुरेश कोड़ा ने मुंगेर में आत्मसमर्पण किया। मुंगेर के पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि नक्सल प्रभावित रहे 23 जिलों में अब कोई भी हथियारबंद नक्सली दस्ता सक्रिय नहीं है।
पूरा बिहार, अब नक्सल से पूर्णत: मुक्त है और आज की तिथि में ऐसा कोई भी हथियार बंद सक्रिय नक्सली नहीं है, जो बिहार की धरती पर मौजूद हैं। समूचे राज्य में जो सक्रिय हो और जो हथियार बंद हो।
मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने कहा कि केंद्र सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के अंतर्गत सुरेश कोड़ा को निर्धारित लाभ जल्द उपलब्ध कराया जाएगा।
सुरेश कोड़ा जी को आत्मसमर्पण नीति के तहत जो लाभ मिलना है, हम लोग त्वरित कार्रवाई करके उसका निष्पादन करेंगे। उसके अलावा उनके परिवार को समस्त आदिवासी क्षेत्र में जितने हमारे लोग रहते हैं और सरकार की जनकल्याण योजनाएं हैं, सबका लाभ उनको देने के लिए हम लोग विशेष कैंप लगाएंगे।
वर्ष 2012 में राज्य के 23 जिले नक्सल प्रभावित थे। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से वर्ष 2025 में एक भी नक्सली घटना नहीं हुई। इसी वर्ष 220 नक्सलियों की गिरफ्तारी भी हुई। यह राज्य में शांति और विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
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