भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर, ब्रिटेन ने भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना को मान्यता दे दी है। ब्रिटेन ने यह राहत अपनी कार्बन सीमा समायोजन व्यवस्था – सीबीएएम के अंतर्गत दी है।
अब ब्रिटेन में कार्बन टैक्स के दायरे में आने वाले भारतीय उत्पादों पर, भारत में पहले से चुकाए गए कार्बन मूल्य के आधार पर राहत मिल सकती है। इनमें इस्पात, एल्युमिनियम, उर्वरक और सीमेंट जैसे उत्पाद शामिल हैं।
इससे भारतीय निर्यातकों को एक ही कार्बन उत्सर्जन के लिए दो बार शुल्क चुकाने से राहत मिलेगी।
यह फैसला दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही तकनीकी वार्ता के बाद हुआ है। हालांकि, राहत की मात्रा भारत में वास्तव में चुकाए गए कार्बन मूल्य और ब्रिटेन के नियमों के तहत जरूरी प्रमाण और सत्यापन पर निर्भर करेगी।
ब्रिटेन वर्ष 2027 से सीबीएएम लागू करने वाला है, इसलिए भारत के कार्बन-गहन उत्पादों के निर्यात के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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