भारत के राष्ट्रीय मानक निकाय, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने वर्ष 2025-26 के लिए मानकीकरण का वार्षिक कार्यक्रम (एपीएस) जारी करने के लिए तैयार है। इस संबंध में 5 मार्च से 11 मार्च, 2025 तक बीआईएस द्वारा आयोजित हितधारक परामर्श का आयोजन किया गया, जिसमें 40 मंत्रालयों और 84 उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की और संक्षिप्त प्रस्तुतियों के माध्यम से विचार और अनुशंसा साझा कीं। एपीएस 2025-26 में विकसित किए जाने वाले नए मानक और आगामी वर्षों में संशोधित किए जाने वाले मौजूदा मानक दोनों सम्मिलित होंगे। बीआईएस ने एक डिजिटल इंटरफ़ेस भी प्रस्तुत किया है जो हितधारकों को प्रस्ताव अपलोड करने और उनकी प्रगति को देखने की अनुमति देता है। यह प्रयास बीआईएस द्वारा विकसित 23,000 से अधिक मानकों को अपनाने की दर को प्रोत्साहन देने के सतत प्रयासों के अनुरूप है।
बीआईएस के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी हाल ही में हितधारकों की बैठक को संबोधित करते हुए, ने मंत्रालयों और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों से प्रस्तावित मानकों के विकास में सक्रिय रूप से योगदान देने और जब भी आवश्यकता हो, प्रासंगिक विशेषज्ञों को नामित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “मानकीकरण के लिए वार्षिक कार्यक्रम 2025-26 न केवल एक केंद्रित रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ आवश्यकता-आधारित मानकीकरण की सुविधा प्रदान करेगा, यह सुनिश्चित करेगा कि विशेष मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए, बल्कि इन मानकों को व्यापक रूप से अपनाने और निर्बाध कार्यान्वयन को भी प्रोत्साहन देगा।”
बीआईएस मानकीकरण प्रकोष्ठों के माध्यम से मंत्रालयों और उद्योग संघों के साथ मिलकर काम करता है, जिसका उद्देश्य कमियों की पहचान करना और राष्ट्रीय मानकों के निर्माण में भाग लेना है। वर्ष 2025-26 के लिए एपीएस तैयार करने के लिए परामर्श बैठकों से पहले, बीआईएस ने 24 अगस्त से 25 जनवरी तक फोकस समूह बैठकों की एक श्रृंखला के साथ-साथ भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं और मिशनों के विरुद्ध भारतीय मानकों का व्यापक समन्वय अभ्यास किया।
एपीएस 2025-26 से प्राथमिकता मानकों के बनाने में उल्लेखनीय वृद्धि होने, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में व्यापक रूप से अपनाने और निर्बाध कार्यान्वयन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
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