भारत के राष्ट्रीय मानक निकाय, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने पर्यावरण और पारिस्थितिकी से संबंधित मुद्दों पर मानकीकरण के लिए एक नया विभाग बनाया है, जिसे पर्यावरण और पारिस्थितिकी विभाग (ईईडी) का नाम दिया गया है।
नव स्थापित विभाग की भविष्य की गतिविधियों के लिए एक मजबूत बुनियाद तैयार करने के लिए, भारतीय मानक ब्यूरो ने 12 अगस्त, 2024 को नई दिल्ली में ‘पर्यावरण और पारिस्थितिकी के लिए मानकीकरण’ पर एक कार्यशाला का आयोजन किया।
बीआईएस के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि नए पर्यावरण और पारिस्थितिकी विभाग के साथ, हम न केवल सर्वोत्तम मानकों की आवश्यकता को पूरा कर रहे हैं, बल्कि एक व्यापक कार्य योजना बना रहे हैं, जो सभी पर्यावरण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करती है। उन्होंने आगे कहा कि ब्यूरो का लक्ष्य भारत और विश्व के लिए मानकों का सृजन करना है। उन्होंने बताया कि बीआईएस अगले दो महीनों में पर्यावरण मानकीकरण में अग्रणी बनने और वैश्विक स्थिरता में मानक स्थापित करने के विजन के साथ संगोष्ठियों का आयोजन करेगा।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की सचिव लीना नंदन ने अपने संबोधन में कहा कि जब हम मानकों के बारे में बात करते हैं, तो सबसे महत्वपूर्ण बात सभी संबंधित हितधारक समूहों के साथ विशेषज्ञों और सलाहकारों के बीच बातचीत होती है। उन्होंने एक बड़े समाज को प्रभावित करने वाली विविध सामग्रियों पर मानक लाने के लिए बीआईएस, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय और अन्य हितधारकों के बीच सहयोग के महत्व पर बल दिया। इस तरह के सहयोग ईसीओ-मार्क, स्थायी रूप से उगाई गई लकड़ी या ब्लू फ्लैग बीचिज़ आदि से संबंधित मानकों और प्रथाओं जैसे क्षेत्रों में प्रभावी होंगे।
इस कार्यशाला में देश के विभिन्न भागों से आए 100 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को हमेशा याद…
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा वातावरण सुनिश्चित करने की अपनी…
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर, हाई-डेंसिटी…
पश्चिम बंगाल, असम, केरलम, तमिलनाडु और पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है। मतगणना…
मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आम गरज-चमक…
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि लिपुलेख दर्रा 1954 से कैलाश मानसरोवर यात्रा का एक…