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C-DAC और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने अगली पीढ़ी की तकनीकों के माध्यम से भूविज्ञान, खनिज अन्वेषण और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

उन्नत कंप्यूटर संगणन विकास केंद्र (सी-डैक), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने अगली पीढ़ी की तकनीकों के माध्यम से भूविज्ञान, खनिज अन्वेषण और आपदा प्रबंधन में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक व्यापक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

नई दिल्ली के इलेक्ट्रॉनिक्स निकेतन में एमईआईटीवाई के सचिव एस. कृष्णन (आईएएस) की उपस्थिति में सी-डैक के महानिदेशक ई. मागेश और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के अपर महानिदेशक प्रदीप सिंह ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस सहयोग का उद्देश्य सी-डैक उच्च प्रदर्शन युक्त कंप्यूटर संगणन (एचपीसी) क्षमताओं और जीएसआई की भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञता को एक साथ लाकर उन्नत डिजिटल तकनीकों के ज़रिए ज़मीन के नीचे की जटिल खोज से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना है। इस साझेदारी में बड़े भू-भौतिक डेटा सेट का प्रसंस्करण करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और एचपीसी का इस्तेमाल करने की योजना है। इससे उच्च-रिज़ॉल्यूशन 3डी भूमिगत मानचित्रण, खनिज लक्षित करने के लिए भविष्यवाणी आधारित मॉडलिंग और दशकों पुराने असंगठित भूवैज्ञानिक रिकॉर्ड को डोमेन लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) में बदलने के लिए संज्ञानात्मक प्रसंस्करण करने में मदद मिलेगी।

यह सहयोग सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर) का उपयोग करके ढलान स्तर पर भूस्खलन की निगरानी, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों के विकास और ग्लेशियर झील अचानक बाढ़ (जीएलओएफ) पर अध्ययन के माध्यम से आपदा शमन में भी मदद करेगा। इसके अलावा, इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिज और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (आरईई) की खोज को तेज करना है, जिससे भारत की आर्थिक सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ता और तकनीकी आत्मनिर्भरता में योगदान मिलेगा।

इस समारोह में सुदीप श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव, एमईआईटीवाई; मनीष खार, उप महानिदेशक, डीजीसीओ, जीएसआई; डॉ. प्रवीर पंकज, निदेशक, डीजीसीओ, जीएसआई; डॉ. मुकेश वर्मा, निदेशक, डीजीसीओ, जीएसआई; मनोज जैन, समूह समन्वक (आर एंड डी, आईटी), एमईआईटीवाई; कमोडोर संदीप वाधवा, कार्यकारी निदेशक (कॉर्पोरेट और सरकारी व्यवसाय), सी-डैक; डॉ. सीएच. ए. एस. मूर्ति, कार्यकारी निदेशक, सी-डैक हैदराबाद; मृण्मय कुमार दास, कार्यकारी निदेशक, सी-डैक कोलकाता; प्रसाद वडलाकोंडावर, वैज्ञानिक एफ, सी-डैक पुणे; डॉ. मनोज खरे, वैज्ञानिक जी और विभाग प्रमुख, सी-डैक पुणे; डॉ. डी. एथिराजन, वैज्ञानिक एफ और केंद्र प्रमुख, सी-डैक चेन्नई; पूंगुझली पी, वैज्ञानिक एफ, सी-डैक चेन्नई; सायंतनी भट्टाचार्य, वैज्ञानिक ई, सी-डैक चेन्नई; गीता सिंह, वैज्ञानिक सी के साथ सी-डैक और एमईआईटीवाई के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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