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CCPA ने कूलस्कल्प्टिंग से मोटापा घटाने वाले भ्रामक विज्ञापनों के लिए वीएलसीसी लिमिटेड पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने यूएस-एफडीए अनुमोदित कूलस्कल्प्टिंग प्रक्रिया/मशीन के उपयोग के माध्यम से मोटापा घटाने और स्लिमिंग उपचार के संबंध में भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए वीएलसीसी लिमिटेड पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

इससे पहले, सीसीपीए ने कूलस्कल्प्टिंग उपचारों पर भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए काया लिमिटेड पर 3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। कंपनी के विज्ञापनों में दावा किया गया था कि “काया का नॉन-सर्जिकल फैट रिडक्शन” और “काया कूलस्कल्प्टिंग से आसानी से वजन घटाता है”। विज्ञापनों पहले और बाद की भ्रामक तस्वीरें भी दिखाई गई थी, जो पूरे शरीर में भारी मात्रा में फैट कम होने का संकेत दे रही थीं। ये दावे वास्तविक अमेरिकी-एफडीए अनुमोदन से परे थे और इस प्रक्रिया को वजन घटाने के उपचार के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। काया लिमिटेड ने सीसीपीए के आदेश का अनुपालन किया है और जुर्माना राशि जमा कर दी है।

वीएलसीसी लिमिटेड का मामला सीसीपीए के संज्ञान में एक शिकायत और स्लिमिंग एवं सौंदर्य क्षेत्र में विज्ञापनों की निगरानी के माध्यम से आया। जांच करने पर पाया गया कि वीएलसीसी एक ही सत्र में भारी वजन घटाने और इंच कम करने का अतिशयोक्तिपूर्ण दावा कर रही थी, जो कूलस्कल्पटिंग मशीन को दी गई वास्तविक स्वीकृति से कहीं अधिक था, जिससे उपभोक्ता भ्रमित हो रहे थे।

जांच से पता चला कि वीएलसीसी के विज्ञापनों में कूलस्कल्पटिंग और संबंधित प्रक्रियाओं को स्थायी वजन घटाने और आकार घटाने के समाधान के रूप में पेश किया गया था। कुछ कथित दावे इस प्रकार हैं:

  • “एक सत्र में 600 ग्राम और 7 सेमी तक वजन कम करना”
  • “एक सत्र में 1 साइज़ स्थायी रूप से कम करना”
  • “एक घंटे में एक साइज तक कम करना”
  • “वीएलसीसी लेकर आया है एक अभूतपूर्व मोटापा घटाने वाला उपचार”
  • “लिपोलेजर से एक सत्र में ही 6 सेमी और 400 ग्राम वजन कम करना”

ऐसे विज्ञापनों से उपभोक्ताओं के बीच गलत धारणा बनी कि कूलस्कल्प्टिंग स्थायी और महत्वपूर्ण वजन घटाने की गारंटी है। वास्तव में, यह प्रक्रिया केवल शरीर के कुछ विशिष्ट भागों में मौजूद वसा में कमी के लिए तथा केवल 30 या उससे कम बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) वाले व्यक्तियों के लिए ही स्वीकृत है।

यूएस-एफडीए अनुमोदित कूलस्कल्पटिंग मशीन के संबंध में सीसीपीए ने पाया कि:

  • ज़ेल्टिक एस्थेटिक्स द्वारा निर्मित कूलस्कल्प्टिंग मशीन को यूएस-एफडीए द्वारा केवल अपर आर्म, ब्रा फैट, बैक फैट, बनाना रोल फैट, सबमेंटल एरिया, जांघ, पेट और फलैंक जैसे भागों में मौजूद वसा को कम करने के लिए अनुमोदित किया गया है।
  • यह वजन घटाने का उपचार नहीं है।
  • यूएस-एफडीए को प्रस्तुत किए गए नैदानिक ​​परीक्षणों में कॉकेशियन, हिस्पैनिक और अफ्रीकी अमेरिकी जातीयता के केवल 57 प्रतिभागी शामिल थे, जिनमें कोई भारतीय या एशियाई प्रतिनिधित्व नहीं था।
  • यूएस-एफडीए ने भारत में कूलस्कल्पटिंग के उपयोग के लिए कोई विशेष अनुमोदन नहीं दिया है।

इन महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए, वीएलसीसी ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का उल्लंघन करके उपभोक्ताओं को भ्रमित किया।

3 लाख रुपये के आर्थिक जुर्माने के अलावा, सीसीपीए ने निर्देश दिया है कि वीएलसीसी को अपने भविष्य के सभी विज्ञापनों में निम्नलिखित का सख्ती से पालन करना होगा:

  • विज्ञापनों/डिस्क्लेमर में तथ्यों की सटीक जानकारी
  • शरीर के विशिष्ट भाग जिन्हें वसा कम करने के लिए लक्षित किया गया है।
  • यह प्रक्रिया केवल उन व्यक्तियों के लिए काम करती है जिनका बीएमआई 30 या उससे कम हो।
  • सभी इंक्लूजन और एक्सक्लुजन यूएस-एफडीए की स्वीकृति के अनुसार हो।
  • जन सांख्यिकीय की जानकारी जहां मशीन का परीक्षण किया गया है।
  • स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए: विज्ञापनों और सहमति प्रपत्रों दोनों में स्पष्ट और आसानी से पढ़े जाने योग्य तरीके से बताया जाना चाहिए कि “कूलस्कल्पटिंग प्रक्रिया का उपयोग फोकल वसा जमा के उपचार के लिए किया जाता है, न कि वजन घटाने के लिए।”
  • केवल यूएस-एफडीए द्वारा अनुमोदित दावों को ही सही तरीके से बताया जाना चाहिए।
  • उपभोक्ताओं द्वारा सेवा प्राप्त करने से पहले, भारतीय जनसांख्यिकी पर इसका परीक्षण नहीं होने और यूएस-एफडीए द्वारा भारत के लिए इसके अनुमोदन के आभाव पर जानकारी प्रदान की जानी चाहिए।
  • अनुचित और पक्षपातपूर्ण अनुबंध प्रावधानों को समाप्त करना जो किए गए दावों के लिए कानूनी दायित्व और जवाबदेही से बचने का प्रयास करते हैं।

सीसीपीए ने भारत में कूलस्कल्प्टिंग मशीनों का उपयोग करने वाले सभी सौंदर्य क्लीनिकों, वेलनेस सेंटरों और सेवा प्रदाताओं को चेतावनी दी है कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। किसी भी उल्लंघन पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना, भ्रामक विज्ञापनों को बंद करना और कानूनी कार्यवाही शामिल है।

यह आदेश स्वास्थ्य, वैलनेस  और सौंदर्य उद्योग में झूठे, भ्रामक और अतिशयोक्तिपूर्ण विज्ञापनों से उपभोक्ताओं की सुरक्षा करने के लिए सीसीपीए की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे सतर्क रहें और ऐसे विज्ञापनों के झांसे में न आएं जो कूलस्कल्प्टिंग के माध्यम से तुरंत वजन घटाने या आकार में स्थायी कमी का दावा करते हैं।

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